×

कागजों में ही बनी है Nagar Parishad Solan की रेहड़ी-फड़ी मार्किट, 2 साल बाद भी काम पूरा नहीं

रेहड़ी धारकों को हो रही परेशानी, सरकार और प्रशासन से जल्द मार्किट बनाने की लगाई गुहार

कागजों में ही बनी है Nagar Parishad Solan की रेहड़ी-फड़ी मार्किट, 2 साल बाद भी काम पूरा नहीं

- Advertisement -

सोलन। हिमाचल की राजनीति में जिला सोलन (Solan)एक अहम योगदान रखता है। इसी के चलते जिला में कई बार राजनीतिक कारणों से कुछ काम अधूरे रह जाते हैं। इसी तरह का एक मामला जिला सोलन में नगर परिषद द्वारा रेहड़ी फड़ी वालों के लिए बनाई जाने वाली एक मार्किट का काम है। 2015 में रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए मार्किट के काम की शुरुआत की गई थी, लेकिन आज तक यह सिरे नहीं चढ़ पाया है। हर बार रेहड़ी फड़ी वालों को सड़कों से उठाने के लिए नगर परिषद (Nagar Parishad) उनके चालान करती है, लेकिन जब रेहड़ी फड़ी वाले यह मांग करते हैं कि उन्हें कोई उचित स्थान दिया जाए तो नगर परिषद के पास जवाब सिर्फ यह होता है कि मार्किट तैयार की जा रही है।


यह भी पढ़ें: नगर निगम में शामिल होने वाले गांवों से नहीं लिया जाएगा 5 वर्ष तक #Tax

नगर परिषद सोलन के पास 148 के करीब रेहड़ी-फहड़ी वाले पंजीकृत हैं। वहीं 100 के करीब रेहड़ी-फड़ी वाले अवैध रूप से सोलन शहर में काम कर रहे हैं। नगर परिषद द्वारा लगातार रेहड़ी-फड़ी धारकों को हटाया जाता है, लेकिन रेहड़ी वाले फिर से आ जाते हैं। बता दें कि 2 साल पहले नगर परिषद ने रेहड़ी-फड़ी वालों को हाईवे से हटाकर बाईपास पर स्थापित करने के लिए रैड लाइट के नजदीक वैंडर मार्किट (Vendor Market) बनाने की योजना तैयार की थी, लेकिन 2 साल से मार्किट बनने का काम अधर में ही लटका है।

क्या कहते हैं रेहड़ी-फड़ी धारक

रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले लोगों का कहना है कि वे दिन भर की कमाई करते हैं उसके बाद उनका घर चल पाता है। लॉकडाउन में पहले ही उनके ऊपर बोझ बढ़ चुका है, लेकिन अब नगर परिषद के लोग रोजाना उन्हें जगह खाली करने के लिए कहते हैं। उन्होंने कहा कि या तो प्रशासन उन्हें कहीं उचित स्थान दें जिससे वे अपना गुजर- बसर कर सकें या तो फिर उन्हें रेहड़ी चलाने के लिए लाइसेंस दे दे। मां शुलिनी रेहड़ी फड़ी विकास समिति अध्यक्ष मेहताब सिंह का कहना है कि रेहड़ी-फड़ी धारकों (Temporary Shopkeeper)के लिए स्थान के लिए वे कई साल से सरकार और प्रशासन से मांग कर रहे हैं लेकिन अब तक किसी भी सरकार ने रुचि नहीं दिखाई।

कांग्रेस और बीजेपी की लड़ाई के चलते नहीं बन पाई मार्किट

बता दें कि 2 साल पहले 2017 में सोलन के विधायक और तत्कालीन मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल (Minister Colonel Dhaniram Shandil) और नगर परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष पवन गुप्ता ने वैंडर मार्किट की आधारशिला रखी थी, लेकिन आज दिन तक कांग्रेस और बीजेपी की लड़ाई के चलते वैंडर मार्किट बन नहीं पाई है। कई बार कांग्रेस शहर में विकास के कार्यों के पूरा ना होने पर बीजेपी (BJP) को घेर चुकी है, वहीं बीजेपी भी कांग्रेस के विधायक को कई बार कटघरे में उतार चुकी है, लेकिन राजनीति के चलते अभी तक वैंडर जोन पूरा नहीं हो पाया है।

 

 

 

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group… 

 

 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है