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जरा संभल कर : नेल पॉलिश से हो सकता है कैंसर

जरा संभल कर : नेल पॉलिश से हो सकता है कैंसर

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सुंदर नाखूनों पर लगी नेल पॉलिश सभी को अच्छी लगती है। नाखूनों को सुंदर दिखाने के लिए अकसर लड़कियां नए-नए कलर की नेल पॉलिश इस्तेमाल करती हैं। आजकल तो बाजार में इस के कई डिजाइन भी उपलब्ध है। क्या आप जानते हैं कि आप के हाथों के खूबसूरत नाखूनों पर लगा यह नेल पॉलिश कैंसर का कारण भी बन सकता है। जी, यह सच है कि नेल पॉलिश के कलर्स बेशक आपके नाखूनों की सुंदरता को बढ़ाते हैं लेकिन इसे बनाने के लिए जो कैमिकल प्रयोग किए जाते हैं वे आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं। नेल पॉलिश में ट्रिफेन्यल फॉस्फेट नामक जहरीला पदार्थ पाया गया है। लेकिन हैरानी इस बात की है कि नेल पॉल‍िश के लेबल पर इसका कहीं जिक्र नहीं मिलता। जानते है कि नेल पेंट में इस्‍तेमाल होने वाले कैमिकल कैसे आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं।

रिसर्च के अनुसार नेल पेंट में स्मूथ फिनिशिंग के लिए टालुइन नाम का एक कैमिकल मिलाया जाता है। ये कैमिकल आमतौर पर कार में ईंधन डालने वाले गैसोलीन में इस्तेमाल किया जाता है। जब यह कैमिकल हमारे नाखूनों के संपर्क में आता है, तो धीरे-धीरे ये शरीर की अन्य कोशिकाओं से भी अपना संपर्क बना लेता है। जिसके परिणामस्‍वरूप ये होता है कि ये कैमिकल नर्वस सिस्टम और दिमाग के साथ-साथ रिप्रोडक्टिव सिस्टम को भी प्रभावित करता है।

नेल पॉलिश में Phthalates नामक एक ऑयली कैमिकल होता है, जब कैमिकल आंख और मुंह के संपर्क में आता है तो संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, इसकी वजह से नाक और गले में इंफेक्शन तक हो सकता है।

नेल पॉलिश में टालुइन नाम का तत्व होता है। यह मां के दूध में सीधे घुस जाता है और स्तनपान कराने वाली महिलाओं से यह बच्चे तक पहुंच जाता है। इससे बच्चे के विकास पर सीधा असर पड़ता है। नेल पॉलिश लगाने के दस घंटे के भीतर ये कैमिकल अपना असर दिखाने लग जाता है। अगर यह कैमिकल बहुत अधिक मात्रा में शरीर में पहुंच जाए तो लीवर और किडनी तक को डैमेज कर देता है।

इसमें न्यूरो-टॉक्सिन जैसे जहरीले पदार्थ मिले होते हैं जो सीधे दिमाग पर असर डालते हैं। इसके साथ ही ये रीढ की हड्डी को भी प्रभावित करते हैं। दिमाग पर डालता है असर नेल पॉल‍िश में इस्‍तेमाल होने वाला कैमिकल शरीर में प्रवेश कर ह्यूमन सिस्टम में गंभीर बदलाव करने की क्षमता रखता है। यह खास्तौर पर दिमाग और नर्वस सिस्टम को ये प्रभावित कर सकता है। यह पेट के पाचन और हॉर्मोन सिस्टम में भी गड़बड़ी पैदा कर देता है।

नेल पॉल‍िश में फॉर्मेल्डिहाइड नामक एक तत्व होता है जो रंगहीन होता है लेकिन जो इस तत्‍व के संपर्क में आने से शरीर में कैंसर सेल्स बनने लगती हैं। एक रिसर्च में भी ये बात सामने आ चुकी है कि नेल पॉल‍िश का ज्‍यादा इस्‍तेमाल करने से स्किन कैंसर हो सकता है। क्योंकि नेल पॉलिश में एक खास प्रकार का जैल मिलाया जाता है, जो सूर्य की खतरनाक अल्ट्रावायलट किरणों को सोख लेता है और यही किरणें कैंसर को जन्म देती हैं।

नेल पॉलिश के खतरनाक असर से बचने के लिए इसे खरीदते समय लो रेंटिंग टॉक्सिटी (0-2) वाला ही प्रोडक्ट खरीदें। अगर आपको कोई रेटिंग नहीं दिखती तो प्रोडक्ट का लेबल चेक करें और टालुइन, फॉरमल्डिहाइड, डाइब्यूटाइल पैथेलेट जैसे खतरनाक तत्वों से बचें। इसके अलावा अगली बार अगर नेल पॉलिश लगाए तो ध्यान रखें कि उसे अपनी आंख, नाक, स्किन और मुंह से दूर रखें जितना जल्दी हो सके, इसे हटा लें।

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