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AIIMS में हुआ शवों का फेरबदल, हिंदू परिवार ने मुस्लिम शव का किया अंतिम संस्कार

शव को दफनाने से पहले चेहरा देखने के बाद इस मामले का खुलासा हुआ

AIIMS में हुआ शवों का फेरबदल, हिंदू परिवार ने मुस्लिम शव का किया अंतिम संस्कार

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नई दिल्ली। पूरे देश में जारी कोरोना वायरस (Coronavirus) के कहर के बीच देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 1 लाख के पार पहुंच चुका है। दिल्ली (Delhi) में इस महामारी के चलते रोजाना लगभग 60 मौतें हो रही हैं। इस सब के बीच दिल्ली में स्थित देश के सबसे बड़े अस्पताल एम्स (Delhi AIIMS) में एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। बतौर रिपोर्ट्स, ‘एम्स ट्रॉमा सेंटर में दो समुदायों की कोरोना वायरस संक्रमित महिलाओं के शवों के फेरबदल हो गया।’ दरअसल, मृतक मुस्लिम (Muslim) महिला के परिजनों द्वारा शव को दफनाने से पहले चेहरा देखने के बाद इस मामले का खुलासा हुआ। गौरतलब है कि हिंदू (Hindu) परिवार ने मुस्लिम महिला के शव का अंतिम संस्कार कर दिया था।


यहां, जानें पूरा मामला

अलग-अलग समुदाय की मृतक महिलाओं के शव (Deadbody) को लापरवाही से गलत परिवार को सौंपे जाने की शिकायत भी दिल्ली पुलिस को दी गई है। मिली जानकारी के मुताबिक, मृत मुस्लिम महिला का नाम अंजुमन है। वह बरेली की रहने वाली थीं। 4 जुलाई को अंजुमन को उनके परिजनों ने एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया था। टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद पता चला कि अंजुमन कोरोना से संक्रमित हैं। इसके बाद इलाज के दौरान 6 जुलाई को उनकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन की तरफ से परिजनों को इस बात की सूचना दी गई तो परिवार में मौत की खबर सुनने के बाद मातम पसर गया। परिवार दिल्ली के एक कब्रिस्तान में शव को दफनाने की तैयारी कर रहा था। एम्स ट्रामा सेंटर से जब शव पहुंचा और परिजनों ने उसका चेहरा देखा तो उन्हें पता लगा कि शव को दूसरी महिला के शव के साथ बदल दिया गया है। परिजनों ने अब अस्पताल प्रशासन से इस बात की जानकारी दी है।

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तीन मासूम आखिरी बार नहीं देख पाए अपनी मां का चेहरा

अस्पताल प्रशासन द्वारा जांच में यह पता लगा कि मुस्लिम परिवार की अंजुमन के शव को किसी हिंदू परिवार को दे दिया गया है। हिंदू परिवार ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद मुस्लिम परिवार पर दुखों का जैसे पहाड़ ही टूट पड़ा। जिस महिला की मौत हुई है, 6 महीने पहले उनके शौहर का भी इंतकाल हो गया था। उनके तीन छोटे बच्चे हैं। अस्पताल के इस लापरवाही के बाद मासूम बच्चों को अपनी मां का आखरी वक्त पर चेहरा भी देखने को नसीब नहीं हुआ। इस बड़ी लापरवाही को लेकर पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि जब इस बात को लेकर उन लोगों ने एम्स प्रशासन से बात करनी चाही तो वहां के सुरक्षा गार्ड और बाउंसर द्वारा उन्हें धमकाया गया। ऐसे में परेशान परिवार ने वहीं की पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दी है, जिसमें एम्स प्रशासन द्वारा पूरी लापरवाही का जिक्र है। हालांकि किसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, इसका कोई आश्वासन किसी ने नहीं दिया।

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