जेल में ही एमए करने वाले इस माओवादी लड़के ने क्लियर किया सेट, रचा इतिहास

आगे पीएचडी भी करना चाहता है यह माओवादी 

जेल में ही एमए करने वाले इस माओवादी लड़के ने क्लियर किया सेट, रचा इतिहास

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कोलकाता। कोलकाता (Kolkata) के प्रेसिडेंसी जेल (Presidency Jail) में ही एमए (MA) पास करने वाले माओवादी लड़के अर्णव दाम उर्फ विक्रम ने स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (SET) क्लियर कर लिया है। जेल से ही परीक्षा पास कर विक्रम ने इतिहास रच दिया है। इस टेस्ट को क्लियर कर वह मध्य कोलकाता के कॉलेज में पढ़ाने के लिए एलिजिबल हो गया है। शुक्रवार को उसने अपना रिजल्ट स्पीड पोस्ट के जरिए पिता एस.के. दाम को भेजा है।

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बता दें इससे पहले जेल में बंद किसी भी व्यक्ति ने सेट की परीक्षा पास नहीं की थी। अर्णव शोध कार्य करना चाहता है। वर्तमान में अर्णव हुगली जेल में बंद है। वह किसी समय में पश्चिम बंगाल-झारखंड-ओडिशा के जंगली इलाके में सक्रिय माओवादियों के संगठन का हेड था। उसका वहां नाम विक्रम था और इसी नाम से उसे जाना जाता था। इसके बाद जुलाई 2012 में पुरुलिया जिले के विरामडी रेलवे स्टेशन के पास उसे सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार किया था।

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अब पीएचडी में करना चाहता है अर्णव 
इससे पहले अर्णव खड़गपुर आईआईटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग कर रहा था, लेकिन इसी बीच में ही पढ़ाई छोड़कर अति हिंसक माओवादी बन गया था। हालांकि इस दौरान भी वह इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई कर रहा था। उसने अपनी ग्रेजुएशन में 65 फीसदी नंबर लाए थे। इसके बाद इतिहास से पोस्ट ग्रेजुएट होकर उसने 66.4 प्रतिशत नंबर लिए थे। इसके बाद अब अर्णव पीएचडी भी करना चाहता है।

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31 में से 30 मामलों में मिली है जमानत 
अर्णव के खिलाफ माओवादी हमले के 31 मामले दर्ज हैं। इनमें से 30 में तो उसे जमानत मिल गई है, लेकिन सिलादह के ईएफआर कैंप पर हमले के मामले में उसे जमानत नहीं मिली है। अब अगर सेट की परीक्षा पास करने के बाद वह किसी कॉलेज में शिक्षक बनता है तो निश्चित तौर पर माओवाद के उन्मूलन के मामले में मील का पत्थर साबित हो सकता है। अर्णव ने बहुत मुश्किल से इस परीक्षा में बैठने की अनुमति पाई थी। वह इस परीक्षा में बैठने के लिए चार दिन तक अनशन पर बैठा रहा था, जिसके बाद राज्य के कारागार मंत्री उज्जवल विश्वास के आश्वासन के बाद अनशन तोड़ा था और परीक्षा दी थी।

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