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वोटिंग के बाद UAPA बिल लोकसभा से पास, विरोध में पड़े सिर्फ 8 वोट

वोटिंग के बाद UAPA बिल लोकसभा से पास, विरोध में पड़े सिर्फ 8 वोट

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नई दिल्ली। लोकसभा में विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण संशोधन विधेयक (Unlawful Activities (Prevention) Amendment Act Bill) वोटिंग के बाद पास हो गया। बिल को पक्ष में 287 जबकि विपक्ष में सिर्फ 8 वोट पड़े। बिल पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि हम विपक्ष में थे तब भी कहते थे कि आतंकवाद (Terrorism) के खिलाफ कठोर कानून होना चाहिए। आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए देश में कठोर से कठोर कानून की जरूरत है। कानून के दुरुपयोग के सवाल पर अमित शाह ने कहा कि इस बिल में प्रावधान हैं कि किसी व्यक्ति को कब आतंकी घोषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद बंदूक से नहीं बल्कि प्रचार और उन्माद से पैदा होता है। ऐसा करने वालों को आतंकी घोषित करने में किसी को आपत्ति क्यों है।

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उन्होंने कहा कि अपील के लिए विकल्प खुले हैं और अफसर बैठते हैं, जो किसी सरकार के निर्देशों पर नहीं चलते। जो लोग यूपीए के दौरान हमारे खिलाफ जांच कर रहे थे वही आज एनआईए में कार्यरत हैं, तब उनपर भरोसा था तो आज क्यों नहीं है। अगर अफसर सरकार का दबाव में भी हो तो भी रिव्यू कमेटी का विकल्प भी खुला है, इसके बाद कोर्ट में जाने का भी ऑप्शन है। अमित शाह ने कहा कि अगर व्यक्ति के मन में आतंकवाद है तो संगठन को बैन करने से कुछ नहीं होगा, तब वह नया संगठन बना लेगा, इस वजह से व्यक्ति को आतंकी घोषित करने का प्रावधान जरूरी है। अमेरिका, यूएन, चीन, इजरायल और पाकिस्तान जैसे देश में भी यह प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि वामपंथी उग्रवाद पहले वैचारिक आंदोलन था जिसने हजारों लोगों की जान ले ली। वैचारिक आंदोलन का चोला पहनकर वामपंथी उग्रवाद फैलाने वालों के लिए सरकार के मन में जरा भी दया नहीं है और उनपर कठोर कार्रवाई की जाएगी। अनपढ़ और गरीब लोगों को हाथ में बंदूक पकड़ा दी जाती है। अगर कानून में सजा नहीं हो पाती है तो उसे खत्म कर देना विकल्प नहीं है।

वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस (Congress) के सांसद अधीर रंजन चौधरी ने बिल को जरूरी बताते हुए इसे स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजने की मांग की, उन्होंने कहा कि सरकार अहम विधेयकों की भी निगरानी नहीं चाहती है। उन्होंने कहा कि आतंकियों के खिलाफ लाए गए अहम कानून की संसदीय समिति की ओर से निगरानी होनी चाहिए। अगर ऐसे आप बिल को पारित कराने की कोशिश करेंगे तो हम इसका विरोध करेंगे। कांग्रेस सांसदों ने बिल के खिलाफ सदन से वॉक आउट (Walk Out) कर दिया है।

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