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China से भागकर US पहुंचीं वायरोलॉजिस्ट का खुलासा- बीजिंग ने छुपाई थी Covid-19 की जानकारी

यदि वह पकड़ी जातीं तो जेल में डाल दी जातीं या गायब कर दी जातीं

China से भागकर US पहुंचीं वायरोलॉजिस्ट का खुलासा- बीजिंग ने छुपाई थी Covid-19 की जानकारी

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वॉशिंगटन। चीन के वुहान से उपजे कोरोना वायरस (Coronavirus) ने दुनिया भर के 180 से अधिक देशों में उत्पात मचा रखा है। दुनियाभर के करोड़ों लोगों संक्रमित करने और लाखों लोगों को मारने वाले इस वायरस से हर कोई परेशान और डरा हुआ है। इस सब के बीच चीन (China) से भागकर अमेरिका (US) पहुंची एक प्रमुख वायरोलॉजिस्ट (Virologist) ने इस बात का दावा किया है कि जब चीन ने कोरोना वायरस के बारे में दुनिया को बताया उससे काफी पहले से चीन को वायरस के बारे में पता था। अप्रैल 2020 के आखिर में ली मेंग यान हॉन्ग कॉन्ग से भागकर अमेरिका पहुंची साइंटिस्ट डॉ ली मेंग यान ने बताया कि सुपरवाइजर ने उनकी रिसर्च को भी नजरअंदाज कर दिया जिससे लोगों की जिंदगी बच सकती थी।


वुहान के डॉक्टरों और शोधकर्ताओं ने साध ली थी चुप्पी

हांग-कांग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में वायरोलॉजी और इम्यूनोलॉजी की विशेषज्ञ लि-मेंग यान ने फॉक्स न्यूज को शुक्रवार को दिए इंटरव्यू में बताया कि चीन सरकार ने विदेशी और यहां तक की हांग-कांग के विशेषज्ञों को रिसर्च में शामिल करने से इनकार कर दिया। यान कहती हैं कि कोविड-19 (Covid-19) पर स्टडी करने वाली वह दुनिया के पहले कुछ वैज्ञानिकों में से एक थीं। उन्होंने आगे बताया कि बहुत जल्द पूरे चीन के उनके साथियों ने इस वायरस पर चर्चा की लेकिन जल्द ही उन्होंने टोन में बदलाव को नोटिस किया। डॉक्टर और शोधकर्ता जो खुले रूप से वायरस पर चर्चा कर रहे थे अचानक चुप करा दिए गए। वुहान के डॉक्टरों और शोधकर्ताओं ने चुप्पी साध ली है और दूसरों को चेतवानी दी गई कि उनसे ब्योरा ना मांगें। उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें हांग-कांग भागने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि उन्हें पता था चीन व्हिसिल ब्लोअर के साथ कैसा व्यवहार करता है।

यह भी पढ़ें: China को कड़ा संदेश! India के साथ युद्धाभ्यास में पहली बार शामिल होंगे US, ऑस्ट्रेलिया और जापान

 

 

सरकार के गुंडे उन्हें चुप करने के लिए साइबर अटैक कर रहे

यान के मुताबिक, डॉक्टरों ने कहा कि हम इसके बारे में बात नहीं कर सकते हैं, लेकिन मास्क पहनने की जरूरत है। उनके सूत्रों के मुताबिक फिर मानव से मानव संक्रमण तेजी से बढ़ने लगा। इसके बाद यान ने वहां से निकले का फैसला किया। बैग पैक किया और कैंपस में लगे कैमरों और सेंसर से बचते हुए 28 अप्रैल को अमेरिका के लिए कैथी पैसिफिक फ्लाइट में सवार हो गईं। उनके पास केवल पासपोर्ट और पर्स था, बाकी सब छोड़ना पड़ा। यदि वह पकड़ी जातीं तो जेल में डाल दी जातीं या गायब कर दी जातीं। यान ने कहा कि चीन की सरकार उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश कर रही है और सरकार के गुंडे उन्हें चुप करने के लिए साइबर अटैक कर रहे हैं। फिलहाल वह अज्ञात स्थान पर रह रही हैं।

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