Covid-19 Update

38,995
मामले (हिमाचल)
29,753
मरीज ठीक हुए
613
मौत
9,390,791
मामले (भारत)
62,314,406
मामले (दुनिया)

Corona Infected होने को तैयार 30 हजार लोग, जानिए क्यों उठाने चाहते है इतना खतरनाक कदम

Corona Infected होने को तैयार 30 हजार लोग, जानिए क्यों उठाने चाहते है इतना खतरनाक कदम

- Advertisement -

पूरी दुनिया इस समय कोरोना की वैक्सीन तैयार करने में जुटी हुई है, लेकिन आमतौर पर वैक्सीन तैयार करने की प्रक्रिया काफी धीमी होती है। इसमें तेजी लाने के लिए एक संस्था ने अनोखा कैंपेन (Unique Campaign) शुरू किया है। इस कैंपेन के तहत स्वस्थ वॉलेंटियर्स की सूची तैयार की जा रही है जो वैक्सीन ट्रायल के लिए जानबूझकर कोरोना संक्रमित होने को तैयार हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 1 Day Sooner नाम की एक ऑनलाइन संस्था ने कैंपेन शुरू किया है। इसके तहत संस्था की वेबसाइट पर विभिन्न देशों के लोग वॉलेंटियर (Volunteer) बनने के लिए अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। अब तक संस्था करीब 30108 वॉलेंटियर्स जुटा चुकी है।

यह भी पढ़ें: खुशखबरी : 15 August को लॉन्च हो सकती है कोरोना की वैक्सीन ‘COVAXIN’

 

आमतौर पर वैक्सीन ट्रायल के दौरान स्वस्थ लोगों को वैक्सीन की खुराक (Vaccine supplements) दी जाती है, लेकिन उन्हें जानबूझकर संक्रमित नहीं किया जाता। वैक्सीन की खुराक देने के बाद वैज्ञानिक इंतजार करते हैं कि व्यक्ति खुद से संक्रमित हो और उसके शरीर में हुई प्रतिक्रिया पता चले, लेकिन ऐसे में काफी लंबा वक्त लग सकता है और अगर किसी कम्युनिटी में कोरोना के मामले घट जाए तो जरूरी नहीं है कि वॉलेंटियर संक्रमित हों। ऐसे में वैक्सीन तैयार करने में देरी हो सकती है। 1 Day Sooner नाम की संस्था ह्यूमन चैलेंज ट्रायल की वकालत कर रही है। संस्था का कहना है कि जो लोग खुद से आगे आ रहे हैं उन्हें वैक्सीन की खुराक दी जाए और फिर उन्हें वायरस से संक्रमित किया जाए। ऐसे में वैक्सीन का रिजल्ट (Result) जल्दी पता किया जा सकेगा और लाखों लोगों को जान बचाई जा सकती है। हालांकि, संस्था के विचार से अलग अब तक किसी भी देश की स्वास्थ्य एजेंसियों ने वैक्सीन वॉलेंटियर्स को जानबूझकर संक्रमित करने की अनुमति नहीं दी है। इसके पीछे एक वजह ये है कि कोरोना बीमारी कई लोगों के लिए जानलेवा भी हो सकती है। हालांकि, दुनियाभर में कई स्तर पर ह्यूमन चैलेंज ट्रायल को लेकर चर्चा जरूर हो रही है।

 

 

संस्था का मानना है कि अगर ह्यूमन चैलेंज ट्रायल (Human challenge trial) को मंजूरी दी जाती है तो वैक्सीन जल्दी तैयार होगी और लाखों लोगों की जान बचेगी। संस्था के वॉलेंटियर के रूप में खुद का नाम देने वालीं 29 साल की अप्रैल सिंपकिंस कहती हैं कि दुनियाभर में जिस तरह कोरोना फैल रहा है, इसको लेकर वह असहाय महसूस कर रही थीं, लेकिन जब उन्हें 1 Day Sooner का पता चला तो उन्हें लगा कि वे मदद कर सकती हैं। संस्था के वॉलेंटियर्स के रूप में सिर्फ युवा और स्वस्थ लोग जुड़ सकते हैं. अब तक संस्था की वेबसाइट पर 140 से अधिक देशों के 30108 वॉलेंटियर्स नाम दर्ज करा चुके हैं। अमेरिका में ऐसे ट्रायल को तभी मंजूरी मिल सकती है जब मेडिकल एथिक्स बोर्ड और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से इसे मंजूरी मिल जाए।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Top : News

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

राशिफल

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष


HP : Board


सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है