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मलाणा क्रीम का माफिया चढ़ा NCB के हत्थे, करोड़ों के लेनदेन का खुलासा

मलाणा क्रीम का माफिया चढ़ा NCB के हत्थे, करोड़ों के लेनदेन का खुलासा

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कुल्लू। मलाणा क्रीम को लेकर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कुल्लू की मणिकर्ण घाटी में एनसीबी के अधिकारियों ने चरस माफिया को गिरफ्तार किया है। उक्त चरस माफिया लंबे समय से मणिकर्ण घाटी में चरस का कारोबार कर रहा था। चरस माफिया मणिकर्ण से चरस लेकर मुंबई और गोवा जैसे बड़े शहरों में सप्लाई करता था। वहीं, चरस माफिया के लिए काम करने वाले तीन युवकों को भी नारकोटिक्स के अधिकारियों ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है।

  • मणिकर्ण से चरस लेकर मुंबई और गोवा जैसे बड़े शहरों में सप्लाई
  • मुंबई और गोवा के हाईप्रोफाइल लोग भी करते हैं इस्तेमाल
  • नेपाल और बिहार से 10 गुना ज्यादा है मलाणा क्रीम की कीमत

Narcotics Control Bureau


एनसीबी ने चरस पोर्टर रफीक , उसके रिश्तेदार गुलजार और साथी रामदेव को गिरफ्तार किया है। इन सभी को दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म तीन से 5 नवंबर को दबोचा है। इनसे 6.200 किलो चरस (उच्च गुणवत्ता) की बरामद हुई है। तीनों युवकों से जब कड़ी पूछताछ की गई तो उन्होंने सारा राज उगल दिया। एनसीबी चंडीगढ़ जोनल यूनिट द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ के दौरान रफीक ने खुलासा किया कि मणिकर्ण में रहने वाले एक जय सोमैया नामक व्यक्ति ने उन्हें यह माल दिया था। इसके बाद एनसीबी ने चरस माफिया जय सोमैया और रमेश कुमार को गिरफ्तार किया था। जय सोमैया मुंबई का जाना-माना स्मगलर है और बीते कुछ समय से कुल्लू के छोज गांव में अपनी पत्नी के साथ रह रहा है।

चरस सप्लायर तक भी पहुंची एनसीबी, सनसनीखेज खुलासे

एनसीबी यूनिट ने चरस सप्लायर को भी दबोच लिया है जिसकी पहचान नील चंद पुत्र सोभेराम निवासी गोहर कुल्लू के रूप में हुई है। एनसीबी ने जानकारी दी कि नील चंद घर पर भी चरस की खेती करता है। उसके अकाउंट में 1.1 करोड़ के लेनदेन का भी पता चला है। इस पैसे से नील चंद और उसका बेटा रमेश कुमार घर बना रहे हैं और जमीनें खरीद रहे हैं। एनसीबी सभी दस्तावेजों को सीज कर रही है। बहरहाल आरोपी जय सोमैया और रमेश कुमार को कोर्ट ने रिमांड पर भेज दिया है। अब आरोपी को दिल्ली की अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। जहां पर एनसीबी की दिल्ली जोनल यूनिट उससे पूछताछ करेगी।

एनसीबी के जोनल निदेशक डॉ. कौस्तुभ शर्मा ने बताया कि चरस तस्करी के नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है, जिसके तहत चरस तस्करों तक पैसा पहुंचाया जाता है। एनसीबी को जानकारी मिली है कि ट्रेवल एंजेंट को पैसा भेज और उनसे कैश लेकर भी चरस की खरीददारी की जा रही है। एनसीबी अधिकारियों ने बताया कि मणिकर्ण में मिलने वाली चरस की कीमत अन्य चरस के मुकालबे 10 गुना ज्यादा है। आरोपी जय सौमैया के मुताबिक बहुत सारे हाई प्रोफाइल लोग पार्वती नदी वैली की चरस का इस्तेमाल करते हैं और मुंबई और गोवा में इसकी खासी डिमांड है। 

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