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लो कर लो बात… HRTC के पास बसें नहीं

लो कर लो बात… HRTC के पास बसें नहीं

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सुरजीत नेगी/भावानगर। प्रदेश में बसों की कमी। यह बात हलक से नीचे नहीं उतर रही है। अभी हाल ही में एचआरटीसी के बेड़े में जेएनएनयूआरएम की बसें आई हैं और कई जगहों पर तो यह बसें रूट पर न चलने के कारण धूल फांक रही हैं। ऐसे में बसों की कमी कैसे हो सकती है। जी हां यह हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि निगम के अधिकारी ही ऐसे बयान दे रहे हैं। एक तरफ तो परिवहन मंत्री आए दिन बसों की कमी न होने की बात करते रहते हैं और दूसरी तरफ बसों की कमी के चलते रूट केंसिल होना, यह बात समझ से परे है। रिकांगपिओ डिपो के तहत काफनू-चंडीगढ़ रूट की बात करें तो इस रूट पर पिछले करीब छह माह से बस नहीं जा रही है और बस न चलने के पीछे बसों की कमी का हवाला दिया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार हिमाचल पथ परिवहन निगम की काफनू-चंडीगढ़ जाने चलने वाली बस को 6 महीने से अधिक समय से रूट पर नहीं भेजा जा रहा है। इससे भावावैली के 14 गांव के लोगों को समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों में निगम के प्रति खासा रोष पनप रहा है।

  • jnnurm-busesबसों की कमी के चलते 6 माह से काफनू-चंडीगढ़ रूट पर नहीं दौड़ी बस
  • निगम अधिकारी बोले, जैसे ही नई बसें आएंगी, रूट होगा चालू

लोगों ने निगम से इस बस सेवा को बहाल करने की मांग कई बार की, लेकिन निगम ने अपने उदासीन रवैये के चलते इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। पूर्व भाजपा मंडलाध्यक्ष एवं कटगांव पंचायत पूर्व प्रधान निहाल चारस ने कहा कि काफनू-चंडीगढ बस सेवा को बंद करने से भावावैली से रामपुर या शिमला की ओर जाने वाले लोगों को भारी समस्या से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह रूट सबसे पुराने रूटों में से एक है। ऐसे में इस रूट में इतने लंबे समय से बस नहीं भेजना तर्क संगत नहीं है। यह बस भावावैली के काफनू से सुबह साढे 5 बजे चंडीगढ़ के लिए रवाना होती थी। इस बस से खास कर सेब सीजन के दौरान लोग सीधे चंडीगढ़ तक आसानी से जाते थे। उन्होंने कहा कि इस रूट के बंद होने से खास कर गरीब तबके के लोगों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि काफनू-चंडीगढ़ बस सेवा बंद होने से लोगों को टैक्सियों में भारी भरकम पैसे खर्च कर आना जाना पड़ रहा है। इस बस को रूट पर नहीं भेजने का असर यहां पर्यटन व्यवसाय पर भी पड़ रहा है।

  • bhavanagarभावावैली से बाहरी क्षेत्र में जाने वाले लोग टैक्सी बुकिंग कर पहुंच रहे वांगतू
  • भावावैली के 14 गांवों के अलावा बिजली परियोजनाओं में काम कर रहे हजारों श्रमिक भी परेशान

हालत यह है कि भावावैली से बाहरी क्षेत्र में जाने वाले लोग टैक्सी बुकिंग कर वांगतू तक पहुंच रहे हैं, उसके बाद किसी अन्य बस का घंटों इंतजार कर रामपुर या शिमला के लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा इस रूट पर बस सेवा बंद करने से लोगों को जानबूझ कर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भावावैली के 14 गांव के अलावा बिजली परियोजनाओं में काम कर रहे हजारों श्रमिक भी इसी बस में आया-जाया करते हैं। ऐसे में इस रूट पर चलने वाली बस से निगम की आय भी अच्छी होती है, लेकिन निगम के अधिकारी अपने उदासीन रवैये के चलते इस रूट पर बस चलाना नहीं चाहते है। इसके अलावा कई गरीबे तबके लोग शिमला या रामपुर में अपना उपचार करवाने के लिए भी इसी बस से जाते थे। अब बस इस के बंद होने से वह उपचार के लिए समय पर अस्पताल भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन्होंने इस रूट तुरंत बस सेवा शुरू करने की मांग की है। इस बारे में आरएम रिकांगपिओ डिपो डीके रघु ने कहा बसों की कमी के चलते इस रूट पर बस नहीं भेजी जा रही है। जैसे ही नई बसें आएंगी, तुरंत इस रूट पर बस सेवा शुरू किया जाएगा।

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