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फाइजर जैसे टीकों को स्टोर करने के लिए कोल्ड स्टोरेज की जरूरत नहीं

चरण 3 नैदानिक परीक्षणों पर चल रहा अध्ययन

फाइजर जैसे टीकों को स्टोर करने के लिए कोल्ड स्टोरेज की जरूरत नहीं

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अशोक नीलकांतन/ न्यूयॉर्क। विकासशील देशों के लिए यहां कुछ स्वागत योग्य समाचार हैं, जिनके पास फाइजर (Pfizer) जैसे टीकों को स्टोर करने के लिए कोल्ड स्टोरेज की सुविधा (माइनस 70 डिग्री सेल्सियस) नहीं है। सीबीएस न्यूज ने एक खास डिस्पैच में कहा, “दो नोबेल कोविड-19 वैक्सीन प्लेटफार्म के लिए अब चरण 3 नैदानिक परीक्षणों पर अध्ययन चल रहा है।” अध्ययनों को ‘न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन’ में प्रकाशित किया गया है, जिसमें दो नोवेल कोविड-19 वैक्सीन प्लेटफार्म के लिए परिणाम का वादा दिखाया गया है – एक पौधे-आधारित कोरोनावायरस जैसा कण वैक्सीन, और एक रिसेप्टर-बाइंडिंग डोमेन (आरबीडी)-डिमर- आधारित टीका।

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नए टीकों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि उनमें से किसी को भी अत्यधिक कोल्ड चेन स्टोरेज की जरूरत नहीं है, जो उन्हें निम्न और मध्यम आय वाले देशों के लिए आकर्षक बनाता है, जो वैश्विक कोविड-19 (Covid-19) टीकाकरण प्रयासों का एक प्रमुख घटक है। ये टीके वेरिएंट पर भी अच्छा असर दिखाते हैं। पहला टीका मेडिकैगो/जीएसके द्वारा विकसित एक पौधा-आधारित कण टीका है, जिसका परीक्षण अर्जेटीना, ब्राजील, कनाडा, मैक्सिको, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रतिभागियों पर 15 मार्च से 2 सितंबर, 2021, सीबीएस में किया गया था। उम्मीदवारों को वैक्सीन कोवएलपी की दो खुराक 21 दिनों के भीतर दिया गया था और परिणामों की तुलना प्लेसीबो से की गई थी। अध्ययन तब तक जारी रहा, जब तक कि टीके की दूसरी खुराक के कम से कम सात दिनों के बाद प्रतिभागियों में कम से कम 160 कोविड-19 मामलों का पता नहीं चला।

परीक्षण में कुल 24,141 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। अध्ययन (Study) में पाया गया कि अनुक्रमण द्वारा पहचाने गए पांच प्रकारों के कारण किसी भी रोगसूचक कोविड-19 के खिलाफ टीके की प्रभावकारिता 69.5 प्रतिशत (95 प्रतिशत आत्मविश्वास अंतराल (सीआई), 56.7 प्रतिशत से 78.8 प्रतिशत होने का दावा किया गया था। मध्यम-से-गंभीर बीमारी के खिलाफ प्रभावकारिता के लिए परिणाम 78.8 प्रतिशत (95 प्रतिशत सीआई, 55.8 प्रतिशत से 90.8 प्रतिशत) पर और भी मजबूत थे। टीका समूह में कोई गंभीर मामला या मौत दर्ज नहीं की गई। अध्ययन में बताया गया है कि वैक्सीन समूह के अधिक प्रतिकूल प्रभाव थे, लेकिन कोई भी गंभीर नहीं था।

-आईएएनएस

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