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बद्दी नप में सियासी संकट, अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के खिलाफ NO Confidence Motion

बद्दी नप में सियासी संकट, अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के खिलाफ NO Confidence Motion

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बद्दी। नगर परिषद बद्दी के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष की कुर्सी खतरे में पड़ती नजर आ रही है। नप बद्दी के पांच पार्षदों ने अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अविश्वास प्रस्ताव पारित किया तथा इसे डीसी को सौंपा। नप बद्दी में लगातार 16 वर्ष तक सियासत चलाने वाले चौधरी परिवार को तगड़ा झटका लगा है।


  • 9 में से पांच पार्षदों ने डीसी को सौंपा पत्र, उचित कार्रवाई की उठाई मांग
  • एक कांग्रेस समर्थित पार्षद ने चार बीजेपी समर्थित पार्षदों के साथ खोला मोर्चा

नप बद्दी में अध्यक्ष की कुर्सी हिलाने में कांग्रेस के ही पार्षद नरेंद्र कुमार ने ही अहम भूमिका निभाई है। यानी गद्दी पाने के लिए नरेंद्र कुमार ने विरोधी बीजेपी से हाथ मिलाया है। इससे दून विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में उफान उठ गया है। अध्यक्ष व उपाध्यक्ष की कुर्सी को हिलाने के लिए पार्षदों ने शनिवार को ही ताना-बाना बुन लिया था। बीजेपी के पार्षदों ने एक रणनीति के तहत कांग्रेस के पार्षद नरेंद्र कुमार दी को अपने पाले में शामिल किया गया और अविश्वास प्रस्ताव पारित करने में सफल रहे। इससे समूचे दून की सियासत में हलचल मच गई क्योंकि मदन के भाई वर्तमान में दून के विधायक है। बीजेपी पार्षदों निर्मला ठाकुर, संदीप  सचदेवा, माया देवी चौधरी, सुषमा देवी कुंडलस तथा कांग्रेसी समर्थित  पार्षद नरेंद्र कुमार ने डीसी सोलन को अविश्वास प्रस्ताव सौंप कर नप बद्दी में नया अध्यक्ष व उपाध्यक्ष चुनने का आग्रह किया। दीगर है कि नप बद्दी में कुल 9  पार्षद हैं जिनमें कांग्रेस समर्थित 5  पार्षद थे।  इनमें नरेंद्र कुमार ने  पलटी मारकर समूचे दून विधानसभा हलके में हलचल मचा दी।

16 वर्ष तक किया है राज

विधायक रामकुमार चौधरी के परिवार ने नगर  परिषद बद्दी में  लगातार 16 साल तक राज किया। सबसे  हले वर्ष 2000 के नप चुनाव में मदन चौधरी ने बहुमत साबित कर कुर्सी हासिल की और  5 साल का कार्यकाल पूरा किया । वर्ष 2005 में नप अध्यक्ष की कुर्सी महिला आरक्षित होने के कारण मदन चौधरी की  पत्नी भुपेंद्र कौर को अध्यक्ष की गद्दी  मिली। वर्ष 2010 में राज्य सरकार द्वारा स्थानीय निकाय चुनाव सीधे तौर  पर करवाए गए थे जिसमें अध्यक्ष उपाध्यक्ष को  5 साल तक नहीं हटाया जा सकता था। मदन चौधरी ने सीधे चुनाव में दूसरी बार नप अध्यक्ष का ताज  पहना था। वर्ष 2016 में वे तीसरी बार आसानी से अध्यक्ष बन गए। मंगलवार को 5 पार्षदों ने अध्यक्ष मदन लाल चौधरी व उपाध्यक्ष मोनिका कौशल के खिलाफ मोर्चा खोला और डीसी सोलन को अविश्वास की  प्रतिलिपि सौंपी।

काम नहीं हुए तो देना पड़ा प्रस्तावः नरेंद्र कुमार

इस संबध में कांग्रेस समर्थित वार्ड न 3 के पार्षद नरेंद्र कुमार ने कहा कि नप पदाधिकारियों का मनमाना रवैया है और मेरे वार्ड में काम मेरे अनुसार नहीं हो रहे। इसके अलावा हाउस टैक्स की भारी भरकम दर से हम लोगों को मुंह दिखाने काबिल नहीं रहे और इतना टैक्स लगाया जा रहा है जितना पूरे भारत में कहीं नहीं है।

रुठना मनाना-चलता रहता है मना लूंगाः मदन

वहीं इस संदर्भ में नप अध्यक्ष मदन चौधरी ने कहा कि पार्टी में रुठना मनाना चलता रहता है। हम रुठों को मना लेंगे और पार्टी में कोई विवाद नहीं है। गिले-शिकवे दूर कर लिए जाएंगे और साजिश रचने वाली बीजेपी को एक बार फिर मुंह की खानी  पड़ेगी।

 

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