Covid-19 Update

2,05,874
मामले (हिमाचल)
2,01,199
मरीज ठीक हुए
3,504
मौत
31,612,794
मामले (भारत)
198,030,137
मामले (दुनिया)
×

किसी PM को हक नहीं, Gift में दे भारत की जमीन: असदुद्दीन ओवैसी

किसी PM को हक नहीं, Gift में दे भारत की जमीन: असदुद्दीन ओवैसी

- Advertisement -

नई दिल्ली। लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हाल ही में हुई हिंसक झड़प पर पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के बयान को लेकर ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने सवाल उठाए हैं। असदुद्दीन ओवैसी ने एक के बाद एक ढेरों ट्वीट कर इस मुद्दे पर पीएम नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार को घेरने का प्रयास किया है। ओवैसी ने इस बारे में ट्वीट कर लिखा कि पीएम नरेंद्र मोदी के मुताबिक भारत का एक भी हिस्सा चीन के कब्जे में नहीं है। इसलिए मेरे कुछ सवाल हैं-

  • 1 हमारे 20 सैनिक क्यों मारे गए, अगर भारतीय सेना ने चीनी सेना के जवानों को भगाने की कोशिश नहीं की।
  • 2 किसी भी पीएम को हक नहीं है कि वे भारतीय भू-भाग को बिना संसद की मंजूरी के किसी को दान में दे दें।
  • 3 एयर वाइस मार्शल (रिटायर्ड) बहादुर मनमोहन का दावा है कि गलवान इलाका हमेशा से एलएसी के भारतीय साइड की ओर रहा है।
  • 4 चीन के लोग दावा कर रहे हैं कि गलवान घाटी उनकी है। यह कहना कि चीन का कोई कब्जा नहीं है, क्या पीएम नरेंद्र मोदी इसका समर्थन नहीं कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: Pak ने फिर किया Ceasefire का उल्लंघन: गोलाबारी में सात भारतीय नागरिक घायल

सिर्फ इतने ही नहीं और भी हैं ओवैसी के सवाल; यहां पढ़ें

ओवैसी ने अपने एक अन्य ट्वीट में कहा कि अगर भारतीय क्षेत्र में कोई चीनी घुसपैठ नहीं है तो भारतीय वायुसेना को यह क्यों कहना पड़ रहा है कि एलएसी पर किसी भी स्थिति का जवाब देने के लिए हम तैयार हैं। एआईएमआईएम चीफ ने आगे कहा कि यह काफी भ्रमात्मक है कि पीएम नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर (S. Jaishankar) के बयान एक-दूसरे के विरोधाभासी हैं। एक कहते हैं कि कोई घुसपैठ नहीं है। दूसरे कहते हैं कि चीन गलवान में एलएसी का सम्मान करते हुए आपसी सहमति से चले गए। चीन ने गलवान सेक्टर में हमारी ओर ढांचा खड़ा करने को कहा है।


पीएम मोदी से सवाल पूछते हुए ओवैसी ने कहा कि क्या पेट्रोल पॉइंट 14 गलवान घाटी अब भी चीनी कब्जे में है, जहां हमारे 20 सैनिक मारे गए हैं। पैंगोंग त्सो झील की स्थिति कैसी है। ज्यादातर हिस्सा भारत का है। ओवैसी ने अपने एक अन्य ट्वीट में अपना अगला सवाल पूछते हुए लिखा कि क्या आप आधिकारी मैप जारी करेंगे जिसमें पैंगोग त्सो झील का कितना हिस्सा गलवान घाटी में हमारे हिस्से में है। खासकर हालिया मौतों के सिलसिले में। क्या आप एक व्हाइट पेपर में पब्लिश करेंगे कि लद्दाख की भौगोलिक स्थिति 2014 से 16 जून 2020 तक कैसी रही है।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है