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अब डूबने से भी बचाएगी Apple Watch, इमरजेंसी सर्विसेज को भेजेगी अलर्ट

अब डूबने से भी बचाएगी Apple Watch, इमरजेंसी सर्विसेज को भेजेगी अलर्ट

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नई दिल्ली। टेक्नॉलजी से अब क्या संभव नहीं। ऐपल का पॉप्युलर वियरेबल Apple Watch बहुत जल्द खास फीचर से लैस हो सकती है। ऐसा कई बार सामने आ चुका है कि ऐपल वॉच की वजह से यूजर्स के दिल की बीमारी का पता चला है और उनकी जान बच पाई है। बहुत जल्द ऐसा हो सकता है कि ऐपल वॉच बिना कोई बटन दबाए अपने आप इमरजेंसी सर्विसेज को अलर्ट भेज दे कि आप खतरे में हैं। ऐपल वॉच में अब भी SOS अलर्ट का ऑप्शन मिलता है, लेकिन अब ऐपल वॉच आपको डूबने से बचा सकती है। कंपनी की ओर से नया पेटेंट पब्लिश किया गया है, जिसमें कई सेंसर एकसाथ मिलकर तय कर पाएंगे कि यूजर किसी तरह के खतरे में तो नहीं है और इसके बाद इमरजेंसी सर्विसेज को अलर्ट भेजेंगे।

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ऐपल की ओर से एक पेटेंट पब्लिश किया गया है, जिसमें ऐसे सेंसर्स का जिक्र है, जो समझ पाएंगे कि यूजर पर कितने पानी का प्रेशर है। ऐसे में नई टेक्नॉलजी की मदद से वियरेबल डिवाइस समझ जाएगा कि यूजर स्विमिंग कर रहा है, या फिर किसी तरह के खतरे में है और डूब सकता है। इसके बाद ऐपल वॉच की ओर से इमरजेंसी सर्विसेज को अपने आप खतरे का अलर्ट भेज दिया जाएगा, जिससे समय रहते मदद मंगाई जा सके। यह सिस्टम यूजर की जियो-लोकेशन भी पिन-पॉइंट कर बता देगा, जिससे रेस्क्यू टीम को उसे खोजने में वक्त न लगे।

AppleInsider के मुताबिक कंपनी के पेटेंट ‘पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ऐड हेल्थ कंपैनियन’ को एक ऐसा सिस्टम बताया गया है, जिसमें कई सेंसर्स एकसाथ मिलकर काम करेंगे। इस तरह पता लगाया जा सकेगा कि यूजर किसी खतरे में है, या फिर उसे किसी तरह की मदद की जरूरत है। पहला सेंसर पता लगाएगा कि यूजर कितने गहरे पानी में है, इसके बाद दूसरा सेंसर ऐक्टिव होकर पानी की क्वॉलिटी का पता लगाएगा। यह पता लगाएगा कि यूजर किसी झील, स्विमिंग पूल, नदी या फिर समुद्र में है।

वॉच में मिलने वाला एक और सेंसर इस डेटा के आधार पर तय करेगा कि यूजर की सेहत पर इसका क्या असर पड़ सकता है, वह तैर रहा है या फिर डूबने की स्थिति में है। साथ ही हेल्थ पैरामीटर जांचने के बाद फौरन जियो-लोकेशन सेंसर डेटा के साथ मदद का अलर्ट भेज देंगे, जिससे डूबने से पहले ही यूजर को बचाया जा सके। ऐपल की ओर से कई पेटेंट फाइल किए जाते हैं, हालांकि सभी रियल लाइफ प्रॉडक्ट में दिखें ऐसा जरूरी नहीं है। सेंसर्स का यह नेटवर्क यूजर्स की जान बचा सकता है, ऐसे में कंपनी फिलहाल इसका टेस्ट जरूर कर रही है।

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