Covid-19 Update

2,05,874
मामले (हिमाचल)
2,01,199
मरीज ठीक हुए
3,504
मौत
31,612,794
मामले (भारत)
198,030,137
मामले (दुनिया)
×

दो टूकः घोषणा नहीं हुई तो NPS बंद करने वाले दल को देंगे समर्थन

दो टूकः घोषणा नहीं हुई तो NPS बंद करने वाले दल को देंगे समर्थन

- Advertisement -

NPS Federation : धर्मशाला। आगामी विधानसभा चुनाव में उसी दल का समर्थन किया जाएगा, जो दल नेशनल पेंशन स्कीम(एनपीएस) को बंद करने का वादा चुनावी घोषणा पत्र में करेगा। अन्यथा एनपीएस फेडरेशन प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों से फेडरेशन के सेवानिवृत्त कर्मियों को चुनावी मैदान में उतारेगी तथा उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करेगी। यह बात एनपीएस फेडरेशन के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. संजीव गुलेरिया और जिला कांगड़ा अध्यक्ष रजिंद्र मन्हास ने रविवार को धर्मशाला में प्रेसवार्ता में कही। उन्होंने कहा कि जिस तरह सरकारी कर्मियों की पुरानी पेंशन बंद की गई है, उसी तरह एमएलए और एमपी की भी पुरानी पेंशन बंद कर उन्हें भी एनपीएस की परिधि में लिया जाना चाहिए।

  • एनपीएस फेडरेशन ने कड़े तेवर अपनाने का किया इशारा
  • पार्टियों ने साथ नहीं दिया तो फेडरेशन अपने ही प्रत्याशी उतारेगी

उन्होंने कहा कि जनता द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए तो पुरानी पेंशन स्कीम चल रही है, जबकि मेहनत करके नौकरी प्राप्त करने वाले कर्मियों को रिटायर होने के बाद 500 से 700 रुपए पेंशन पर गुजारा करने को छोड़ा जा रहा है। ऐसे में देश में लागू समानता के अधिकार के क्या मायने रह जाते हैं। एनपीएस फेडरेशन पदाधिकारियों ने कहा कि सरकारी कर्मियों के रिटायर होने के बाद उनकी जमा पूंजी का 60 फीसदी ही भुगतान किया जा रहा है। जबकि 40 फीसदी राशि को सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन देने के लिए रखा जा रहा है, जो कि सेवानिवृत्त कर्मियों के भविष्य से सरेआम खिलवाड़ है। डॉ. संजीव गुलेरिया ने आरोप लगाया कि एनपीएस के तहत तानाशाह रवैया अपनाया जा रहा है, जिसके चलते कर्मियों को रिटायर होने पर पूरा भुगतान न करके उन्हें मानसिक तौर पर परेशान किया जा रहा है।


नगरोटा में HRTC का डिपो खुल सकता है तो अर्की में क्यों नहीं

डॉ. संजीव गुलेरिया ने कहा कि एनपीएस योजना के तहत सेवानिवृत्त कर्मियों को बुढ़ापा पेंशन से भी कम पेंशन दी जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सरकार द्वारा प्रदेश के बुजुर्गों को 1200 के लगभग पेंशन दी जा रही है, जबकि अपनी जिंदगी के 30-35 साल सरकारी नौकरी में बिताने वाले कर्मी सेवानिवृत्त होने पर 500 से 700 पेंशन लेने को मजबूर हो रहे हैं। डा. संजीव गुलेरिया ने कहा कि प्रदेश में एक लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी हैं। एनपीएस के तहत 80 हजार के लगभग कर्मचारी आते हैं। जिनमें से 20 हजार आउटसोर्स कर्मचारी और 10 हजार से अधिक अन्य कर्मचारी है। ऐसे में सरकार को कर्मचारी शक्ति को पहचानते हुए इनकी एनपीएस को बंद करने की मांग को मानना चाहिए, अन्यथा आगामी चुनाव में सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है