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देश की 15वीं राष्ट्रपति बनीं द्रौपदी मुर्मू, शीर्ष पद पर सबसे कम उम्र की शख्सियत

संसद भवन के सेंट्रल हॉल में आयोजित कार्यक्रम में शपथ ली है

देश की 15वीं राष्ट्रपति बनीं द्रौपदी मुर्मू, शीर्ष पद पर सबसे कम उम्र की शख्सियत

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आज द्रौपदी मुर्मू ने 15वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण कर ली है। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमणा (NV Ramana) ने उन्हें राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई है। द्रौपदी मुर्मू ने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में आयोजित कार्यक्रम में शपथ ली है। द्रौपदी मुर्मू के शपथ ग्रहण समारोह में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, पीएम नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, कैबिनेट मंत्री,संसद सदस्य और सरकार के प्रमुख अधिकारी समारोह में उपस्थित रहे।

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बता दें कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) आजादी के बाद पैदा होने वाली पहली और शीर्ष पद पर काबिज होने वाली सबसे कम उम्र की शख्सियत बन गई हैं। प्रतिभा पाटिल के बाद मुर्मू देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति बन गई हैं। शपथ ग्रहण के बाद मुर्मू ने कहा कि मैं भारत के समस्त नागरिकों की आशा-आकांक्षा और अधिकारों की प्रतीक इस पवित्र संसद से सभी देशवासियों का पूरी विनम्रता से अभिनंदन करती हूं। आपकी आत्मीयता, आपका विश्वास और आपका सहयोग, मेरे लिए इस नए दायित्व को निभाने में मेरी बहुत बड़ी ताकत होंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मैंने अपनी जीवन यात्रा ओडिशा के एक छोटे से आदिवासी गांव से शुरू की थी। मैं जिस पृष्ठभूमि से आती हूं, वहां मेरे लिए प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करना भी एक सपने जैसा ही था, लेकिन अनेक बाधाओं के बावजूद मेरा संकल्प दृढ़ रहा और मैं कॉलेज जाने वाली अपने गांव की पहली बेटी बनी। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा की राष्ट्रपति के पद तक पहुंचना सिर्फ मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। ये भारत के हर एक गरीब की उपलब्धि है। मेरा निर्वाचन इस बात का सबूत है कि भारत में गरीब सपने देख भी सकता है और उन्हें पूरा भी कर सकता है।

उन्होंने कहा कि मैं जनजातीय समाज से हूं और वार्ड कौन्सिलर से लेकर भारत की राष्ट्रपति बनने तक का अवसर मुझे मिला है। यह लोकतंत्र की जननी भारतवर्ष की महानता है। उन्होंने कहा कि ये हमारे लोकतंत्र की ही शक्ति है कि उसमें एक गरीब घर में पैदा हुई बेटी, दूर-सुदूर आदिवासी क्षेत्र में पैदा हुई बेटी, भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंच सकती है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि मेरे लिए बहुत संतोष की बात है कि जो सदियों से वंचित रहे, जो विकास के लाभ से दूर रहे, वे गरीब, दलित, पिछड़े तथा आदिवासी मुझ में अपना प्रतिबिंब देख रहे हैं। मेरे इस निर्वाचन में देश के गरीब का आशीर्वाद शामिल है, देश की करोड़ों महिलाओं और बेटियों के सपनों और सामर्थ्य की झलक है। उन्होंने कहा कि मेरे इस निर्वाचन में, पुरानी लीक से हटकर नए रास्तों पर चलने वाले भारत के आज के युवाओं का साहस भी शामिल है। ऐसे प्रगतिशील भारत का नेतृत्व करते हुए आज मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हूँ। मैं आज समस्त देशवासियों को, विशेषकर भारत के युवाओं को तथा भारत की महिलाओं को ये विश्वास दिलाती हूं कि इस पद पर कार्य करते हुए मेरे लिए उनके हित सर्वोपरि होंगे।

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