Covid-19 Update

2,60,321
मामले (हिमाचल)
2,39. 550
मरीज ठीक हुए
3916*
मौत
38,903,731
मामले (भारत)
347,844,974
मामले (दुनिया)

तिरुपति बालाजी मंदिर में भक्त ने दान किए रत्न जड़ित सोने के दस्ताने, ये मन्नत हुई थी पूरी

तिरूमला तिरुपति देवस्थानम में भक्त चढ़ाते आए हैं करोड़ों के दान

तिरुपति बालाजी मंदिर में भक्त ने दान किए रत्न जड़ित सोने के दस्ताने, ये मन्नत हुई थी पूरी

- Advertisement -

नई दिल्ली। तिरुमाला (Tirumala) के प्राचीन पहाड़ी मंदिर में पीठासीन देवता वेंकटेश्वर की दिव्य हथेलियों को सजाने के लिए एक भक्त ने शुक्रवार को रत्न जड़ित सोने के दस्ताने भेंट किए। उसने अपनी मन्नत पूरी होने पर ये दस्ताने दान किए हैं। उस व्यक्ति ने यह दिन गोपनीय रहते हुए किया है। मंदिर के एक अधिकारी ने बताया कि तिरुमला में रहने वाले एक परिवार ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (Tirumala Tirupati Devsthanam) के अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी ए. वेंकट धर्मा रेड्डी को ये दस्ताने सौंपे। उन्होंने ये दान नाम ना जाहिर करते हुए किया है।

 

इन सोने के दस्तानों का वजन करीब 5.3 किलोग्राम है और इसकी कीमत 3 करोड़ रुपये है। यह दस्ताने पहाड़ी मंदिर के गर्भगृह में भगवान वेंकटेश्वर को सुशोभित करेंगे। इन सोने के गहनों को भगवान वेंकटेश्वर को पहनाया जाएगा। मंदिर के अधिकारी ने बताया कि वह भक्त पिछले 50 सालों से तिरुमाला मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर की पूजा कर रहे हैं। पिछले साल कोरोना महामारी के चलते मंदिर में भक्तों के आने और दर्शन पर रोक लगा दी गई थी, साथ ही वह भी कोरोना से संक्रमित हो गए थे। तब उन्होंने तिरुपति बालाजी मंदिर में अपने अच्छे स्वास्थ्य के लिए मन्नत मांगी थी, जो कि पूरी हो गई है। वह कोरोना से ठीक हो चुके हैं।

यह भी पढ़ें: यूपी इलेक्शन से पहले वसीम रिजवी ने कबूला हिंदू धर्म, गरमाई सियासत

गौरतलब है कि तमिलनाडु में रहने वाले एक अन्य भक्त ने आंध्र प्रदेश के तिरुमाला में प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर के लिए लगभग 2 करोड़ रुपये के सोने के शंख और चक्र का दान किया था। मंदिर प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि एक भक्त ने भगवान वेंकटेश्वर की पूजा करने के बाद, मंदिर के अधिकारियों को सोने की शंकु (शंख) और चक्रम (चक्र) का दान किया, जिसका वजन 3.5 किलोग्राम है।

 

तिरुपति मंदिर में अक्सर सोने का चढ़ावा चढ़ाया जाता है. इसीलिए दान आने के मामले में यह मंदिर भारत में पहले स्थान पर है. हर साल लाखों लोग तिरुमला की पहाड़ियों पर स्थित इस मंदिर में भगवान वेंकटेश्‍वर का आशीर्वाद लेने के लिए इकठ्ठा होते हैं. यहां आने वाले हर एक व्यक्ति की सबसे बड़ी इच्छा भगवान वेंकटेश्वर (भगवान विष्णु) के दर्शन करने की होती है. यह भारत के उन मंदिरों में से एक है जिसके पट सभी धर्म के अनुयायियों के लिए खुलते हैं. इन तीर्थयात्रियों की पूरी देखरेख तिरूपति देवस्थानम करता है.

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group… 

 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App


विशेष \ लाइफ मंत्रा


Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है