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2011 में हुए सर्जिकल स्ट्राइक में तीन Pak सैनिकों के सिर ले आए थे जवान

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  • नया खुलासाः 2011 में बदला लेने POK में घुसी थी भारतीय सेना
  • ईद से एक दिन पहले 48 घंटे में अंजाम दिया था आपरेशन

नई दिल्ली। भारतीय सेना के POK में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद उठे सवालों के बीच आज एक नया खुलासा सामने आया है, जिसमें बताया जा रहा है कि भारतीय सेना ने जुलाई 2011 में एलओसी पार करके जिंजर में पाकिस्तानी सैनिकों को सबक सिखाया था।border-1 ऑपरेशन जिंजर पाकिस्तानी सेना की उस कार्रवाई के जवाब में किया गया था, जिसमें 6 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे।

उसके बाद भारतीय सेना POK में घुस गई थी और 8 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया गया थाए इसमें से तीन के सिर कलम कर दिए गए थे। द हिन्दू अखबार ने 2011 में हुई इस सर्जिकल स्ट्राइक के पुख्ता सबूत होने का दावा किया है।

अखबार के दावे के मुताबिक भारतीय सैनिकों ने पीओके में इस ऑपरेशन को 48 घंटे में अंजाम दिया था। भारतीय सैनिकों ने पीओके में पाकिस्तान की पुलिस चौकी के पास लैंड माइंस भी बिछाए थे। अखबार के मुताबिक कुपवाड़ा बेस 28 डिविजन के मुखिया रहे रिटायर्ड मेजर जनरल एसके चक्रवर्ती ने भारत के सर्जिकल स्ट्राइक की प्लानिंग और इसे अंजाम दिया था। रिटायर्ड मेजर जनरल एसके चक्रवर्ती ने कार्रवाई की पुष्टि की है, लेकिन अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया।

borderअखबार की पत्रकार विजेता सिंह के मुताबिक, मैं ये नहीं जानती कि इस बार इसका ऐलान क्यों किया गया है, लेकिन हमारे जवान ने 2011 में ऑपरेशन जिंजर को अंजाम देते हुए 6 भारतीय सैनिकों की मौत का बदला लिया था।

ऑपरेशन से पहले भारतीय सेना ने सात बार रेकी भी की थी, ज्यादा लोगों को नुकसान पहुंचाने के लिए माइंस बिछाए गए थे।खबार ने ऑपरेशन जिंजर को अंजाम देने वाले एक सैन्य अधिकारी के हवाले से लिखाए हमने इसके लिए 30 अगस्त को मंगलवार का दिन चुना था क्योंकि इस दिन को हमने हमेशा जीत हासिल की थी। यह ऑपरेशन ईद से एक दिन पहले किया गया क्योंकि पाकिस्तान को इस वक्त हमले की उम्मीद ना के बराबर थी।

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