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तीन उम्मीदवारों को लेबोरेटरी असिस्टेंट एलोपैथी के पद पर नियुक्ति के आदेश

हिमाचल हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को एक हफ्ते में नियुक्तियों दिए आदेश

तीन उम्मीदवारों को लेबोरेटरी असिस्टेंट एलोपैथी के पद पर नियुक्ति के आदेश

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शिमला। हिमाचल हाईकोर्ट (Himachal High Court) उन तीन उम्मीदवारों को लेबोरेटरी असिस्टेंट एलोपैथी (Laboratory Assistant Allopathy) के पद पर नियुक्ति प्रदान करने के आदेश जारी किए, जिन्हें 22 उम्मीदवारों की वेटिंग लिस्ट में से तीन उम्मीदवारों के इस पद पर उपस्थिति ना देने के कारण अवसर दिया जाना कानूनन बाजिव था। स्वास्थ्य विभाग (Health Department) को यह नियुक्तियां एक सप्ताह के भीतर करने के आदेश दिए गए हैं। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने कहा कि यह अत्यंत खेदजनक है कि निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण इस तथ्य से पूरी तरह से बेखबर हैं कि उन्हें सौंपा गया कार्यालय उपयोग के लिए है, न कि दुरुपयोग के लिए। निदेशक निरंकुश या सम्राट के रूप में कार्य नहीं कर सकता है। लोकतंत्र में वह समानता और एकजुटता के सिद्धांतों के अनुसार कार्य करने के लिए बाध्य हैं।

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याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार 4 सितंबर 2017 को निदेशक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर (HPSSC Hamirpur) को प्रयोगशाला सहायक के 102 रिक्त पदों को भरने हेतु सिफारिश भेजी थी। हालांकि, इन 102 उम्मीदवारों में से 22 उम्मीदवारों ने ज्वाइन नहीं किया और परिणामस्वरूप, विभाग द्वारा दिनांक 20 सितंबर 2019 के पत्र द्वारा उनकी नियुक्ति के आदेशों को वापस लेने का आदेश दिया गया। 20 सितंबर 2019 को चयन आयोग ने ही वेटिंग पैनल से 22 उम्मीदवारों के नामों की सिफारिश करने का अनुरोध किया, जिन्हें दिनांक 23 नवंबर 2019 के पत्र के माध्यम से नियुक्ति की पेशकश की गई थी। इनमें से तीन उम्मीदवारों ने ज्वाइन नहीं किया। फलस्वरूप प्रार्थी व अन्य दो उम्मीदवारों ने उन्हें नियुक्ति पत्र देने के लिए निदेशक को प्रार्थना की। मगर उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई।
न्यायालय (Court) ने पाया कि विभाग किसी भी ठोस कारण को बताने में विफल रहा है कि प्रतीक्षा सूची से 3 पदों को भरने के लिए कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया। निदेशक सरकारी अधिकारी होने के नाते एक सामान्य व्यक्ति की तरह कार्य करने के लिए स्वतंत्र नहीं हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि चूंकि याचिकाकर्ता और शेष दो उम्मीदवारों ने, जिन्हें नियुक्ति दी जानी है, उन्होंने उक्त पद (पदों) के खिलाफ काम नहीं किया है, वे अपनी अवधि के लिए किसी भी पारिश्रमिक के हकदार नहीं होंगे। हालांकि वरिष्ठता दिए जाने की सूरत वे 23.11.2019 से काल्पनिक आधार पर वरिष्ठता के हकदार होंगे, जिस तारीख से प्रतीक्षा सूची के 22 उम्मीदवारों को प्रयोगशाला सहायक के रूप में नियुक्ति की पेशकश की गई थी।


 

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