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चंबाः बाहरी राज्य से आने वाले थैली बंद दूध व पनीर के लिए जाएंगे सैंपल

चंबाः बाहरी राज्य से आने वाले थैली बंद दूध व पनीर के लिए जाएंगे सैंपल

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चंबा। बाहरी राज्य से चंबा जिला में आने वाले थैली बंद दूध और पनीर के भी सैंपल लिए जाएंगे, ताकि पता चल सके कि उनमें कितनी गुणवत्ता है। डीसी हरिकेश मीणा ने आज मंडे बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह भी निर्देश दिए कि संबंधित विभागीय अधिकारी औचक निरीक्षण करके सैंपलिंग को एक निरंतर प्रक्रिया के तौर पर बनाए रखे। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट लोगों के स्वास्थ्य के प्रति एक बहुत बड़ा अपराध है। दूध और पनीर जैसी वस्तुएं ऐसी हैं जो रोजमर्रा और हर घर की जरूरत है। उनकी गुणवत्ता हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए। डीसी ने कृषि उत्पाद विपणन समिति (जिला मार्केट कमेटी) के अधिकारियों को भी कहा कि कमेटी विशेषकर दूध जैसे खाद्य पदार्थों की रोजाना खपत का आकलन करके इसकी रिपोर्ट प्रशासन को जल्द सौंपे।

बाजार की सड़कों पर अतिक्रमण को लेकर डीसी ने नगर परिषद को कहा कि जिन रेहड़ी-फड़ी परमिट धारकों ने उनकी आगे सबलेटिंग कर रखी हैं, उन्हें चिन्हित करके उनके परमिट रद करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। यदि किसी परमिट धारक ने अपनी जगह की बजाय किसी दूसरे व्यक्ति को रेहड़ी फड़ी के कार्य के लिए रखा है तो इससे साबित होता है कि परमिट धारक स्वयं आर्थिक तौर पर स्वावलंबी बन चुका है और उसे अब रेहड़ी फड़ी की कोई जरूरत नहीं रही है। ऐसे में उसका परमिट रद ही होना चाहिए, ताकि उसकी जगह पर किसी अन्य पात्र और जरूरतमंद व्यक्ति को परमिट जारी किया जा सके।


उन्होंने जिले में नगर परिषद द्वारा दुकानदारों से लंबित किराया वसूली के काम की प्रगति का भी ब्योरा लिया। उन्होंने कहा कि 79 लाख के लंबित किराया वसूली के मुकाबले मात्र 14 लाख की वसूली संतोषजनक नहीं है। नगर परिषद इस कार्य को लेकर गंभीरता बरते और सौ फ़ीसदी लंबित किराया वसूल करे। नगर नगर परिषद डलहौजी भी मंडे बैठक के दौरान दिए गए निर्देशों की अनुपालना को लेकर कदम उठाए। बागवानों को कीवी और चेरी के पौधे मुहैया करने की कवायद के तहत डीसी ने बागवानी विभाग के अधिकारियों को कहा कि वे जल्द इस दिशा में कदम उठाए, ताकि बागवानों को समय पर कीवी और चेरी के पौधे वितरित किए जा सकें।

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