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‘सीने में जलन, आंखों में तूफान सा क्यों है, इस शहर में हर शख्स परेशान सा क्यों है’

‘सीने में जलन, आंखों में तूफान सा क्यों है, इस शहर में हर शख्स परेशान सा क्यों है’

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चंबा। सीने में जलन, आंखों में तूफान सा क्यों है, इस शहर में हर शख्स परेशान सा क्यों है। गमन फिल्म की गजल की इन पंक्तियों में से अगर शहर की जगह मेडिकल कॉलेज चंबा कर दिया जाए तो हालात हूबहू वैसे ही मुश्किल हैं। आनन-फानन में व्यवस्थाओं को ताक पर रखकर मेडिकल कॉलेज की शुरूआत करके चंबा को सौगात तो मिली मगर आधी अधूरी। डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश में चिकित्सकों की नई पौध तैयार करने की राह आसान नहीं दिखती। नई पौध तैयार भी कैसे हो जब उन्हें फैकल्टी ही मयस्सर न हों।

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हर साल प्रदेश को 500 नए चिकित्सक देने के ध्येय को लेकर शुरू हुआ चंबा का मेडिकल कॉलेज अपनी राह में डगमगाता दिखता है। अपनी खुद के भवन से महरूम यह कॉलेज राजमहल में चल रहा है तो वहीं काफी ज्यादा स्टाफ आउटसोर्सिंग से भरा गया है। निजी भवनों को बतौर हॉस्टल किराये पर लेकर भी मुश्किलें जारी हैं। अक्सर विवादों से घिरे रहने वाले जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज पर अब आउटसोर्सिंग कर्मियों का लाखों का वेतन बकाया हो गया है। इससे दर्जनों कर्मचारियों को पैसों के लाले पड़ गए हैं। लिहाजा समस्या को देखते हुए कॉलेज प्रबंधन स्वास्थ्य विभाग को भी सूचित कर चुका है।

बता दें कि पं. जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में आउटसोर्स कर्मी पिछले 2 माह से वेतन का इंतजार कर रहे हैं। कम्प्यूटर ऑपरेटर से लेकर लैब में तकनीकी पदों पर करीब 160 पद आउटसोर्सिंग के जरिए भरे गए हैं। लिहाजा तनख्वाह न मिलने से यह कर्मचारी मुश्किलों का सामना करने को मजबूर हैं। वहीं, कॉलेज प्रबंधन का यह कह कर पल्ला झाड़ता दिखता है कि बजट आते ही वेतन अदायगी कर दी जाएगी। लिहाजा ये आउटसोर्स कर्मी अनिश्चितता की स्थिति का सामना करने को मजबूर हैं।

विवादों से रहा पुराना नाता

फैकल्टी डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे इस मेडिकल कॉलेज का विवादों से पुराना नाता रहा है। मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य का निलंबन इसी का प्रमाण है। कभी फर्जीवाड़े तो कभी अव्यवस्था के आरोप कॉलेज प्रबंधन पर चस्पां होते रहे हैं। उधर, अब आउटसोर्स कर्मियों को भी वेतन के लाले पड़े हुए हैं। कुल मिलाकर यहां की व्यवस्था से फैकल्टी, ट्रेनी डॉक्टर तथा अब आउटसोर्स कर्मी भी परेशान दिखते हैं। उधर, इस संदर्भ में जब कॉलेज के प्राचार्य पुरुषोत्तम कुमार पूरी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि आलाधिकारियों को आउटसोर्स कर्मियों के बकाया वेतन की जानकारी दे दी गई है तथा बजट का प्रावधान होते ही वेतन दे दिया जाएगा।

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