- Advertisement -

हादसे से नहीं लिया सबक, मुनाफे के चक्कर में जोखिम में जान

ओवरलोडिंग से बाज नहीं आ रहे निजी बस संचालक

0

- Advertisement -

नाहन। जलाल पुल बस हादसे को अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है लेकिन निजी बस संचालक सवारियां ठूंसने से बाज नहीं आ रहे हैं। इस हादसे के बाद जिला प्रशासन ने ओवरलोडिंग करने वालों के खिलाफ सख्ती भी की लेकि हालत फिर पहले जैसे हो गए हैं। थोड़े से मुनाफे के चक्कर में निजी बस चालक और परिचालक सवारियों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। सारे नियमों को धत्ता बताकर निजी बस संचालक भी बेपरवाह बने है।

जिले के दूरदराज क्षेत्रों में अमूमन यही स्थिति बन हुई है। जलाल पुल हादसे में गई 10 लोगों की जान के बाद भी निजी बसों में छतों पर ओवरलोडिंग का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को पांवटा साहिब से अपने रूट पर जा रही मीनू कोच ट्रांसपोर्ट की बस में छतों पर भी भारी ओवरलोडिंग देखी गई। छतों पर 30 से ज्यादा सवारियों को बिठाया गया। हालांकि इस मामले की सूचना जागरूक लोगों ने पुलिस को भी दी है। जलाल पुल की रेलिंग तोड़ती हुई जो बस खड्ड में गिरी थी वह मीनू कोच ही थी।

जिला प्रशासन ने छतों पर सवारियों को बिठाने वाले चालकों व परिचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। यहां तक कि प्रशासन ने ऐसे बस ऑपरेटरों का रूट लाइसेंस रद्द करने की भी हामी भरी है। इसके बाद भी निजी बस संचालकों पर इसका कोई असर होता नहीं दिख रहा है। उधर, एसपी सिरमौर रोहित मालपानी ने मामले का संज्ञान लिया है। साथ ही यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए है। बता दें कि जलाल पल हादसे के बाद सिरमौर पुलिस ने सरकारी बसों समेत निजी बसों में ओवरलोडिंग के चालान कर कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने बस के भीतर अतिरिक्त सवारियां बिठाने पर भी दर्जनों चालान काटे। हादसे के कुछ दिन बाद अब फिर से ओवरलोडिंग शुरू हो गई है।

- Advertisement -

Leave A Reply