Covid-19 Update

2,05,383
मामले (हिमाचल)
2,00,943
मरीज ठीक हुए
3,502
मौत
31,470,893
मामले (भारत)
195,725,739
मामले (दुनिया)
×

लुप्त होने के कगार पर 1100 साल पुरानी पाबूची लिपि

लुप्त होने के कगार पर 1100 साल पुरानी पाबूची लिपि

- Advertisement -

Pabuchi lipi : सरकारी तौर पर नहीं हो रहे बचाने के कोई प्रयास

Pabuchi lipi : नाहन। ज्योतिष विद्या के लिए मशहूर करीब 1100 साल पुरानी पाबूची लिपि का अस्तित्व खतरे में है। यह सीधे तौर पर एक चिंता का विषय है। क्यों अपना वजूद हो रही है पाबूची लिपि। दरअसल पाबूकी लिपि के जानकारों की संख्या साल दर साल घट रही है जिसका मुख्य कारण यह है कि इस लिपि को बढ़ावा देने के लिए सरकारी तौर पर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं पाबूजी लिपि के जानकारों का कहना है कि अगर सरकार इस ओर ध्यान देती है तो इस लिपि को बचाया जा सकता है। आज हालात यह है कुछ गिने चुने लोग ही इस लिपि के जानकार रह गए हैं।

क्या है पाबूची लिपि

कश्मीरी पंडितों की यह वह लिपि है, जिसमें साचा गणना के तहत भविष्यवाणी की जाती है और लोगों के कष्टों का निवारण भी। लोगों को इस ज्योतिष विद्या में बेहद विश्वास है क्योंकि इसके परिणाम बेहद सटीक होते है। पाबूची लिपि की भाषा अन्य भाषाओं से बिल्कुल अलग है लिहाजा आम आदमी के लिए इसे पढ़ना भी मुमकिन नहीं है वहीँ इसके जानकारों का कहना है की आज की युवा पीढ़ी भी इस विद्या को समझने के लिए गंभीर नहीं है।करीब 1100 साल पुरानी पाबूची लिपि के कुछ ही जानकर आज  सिरमौर के खड़काहां गांव  बच गए है जिनके पास लोगो का जमावड़ा लगा रहता है। लोग अपने व्यक्तिगत दुखों को लेकर तो यहां पहुंचते ही हैं साथ ही ऐसे मौकों पर भी  इसी गांव के पंडितों की शरण लेनी पड़ती है जब क्षेत्र पर कोई प्राकृतिक आपदा आती है। यही पंडित उस समय समस्या का समाधान बताते है।


शोध केंद्र स्थापित करने की मांग

पाबूची लिपि के जानकार पंडित मनी राम, पंडित देवी राम,देवीराम व नरेश पाबूच का कहना है कि अगर सरकार पाबूची लिपि शोध केंद्र स्थापित करे और इसमें लिपि  के जानकारों को नियुक्त कर युवा पीढ़ी को जागरूक किया जाए तो अपना वजूद खो रही इस लिपि को बचाया जा सकता है। वहीं, लिपि के जानकार भी युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए तैयार है। जिस तरह से पाबूची लिपि के जानकारों की संख्या घट रही है उससे साफ़ जाहिर है कुछ समय के भीतर ही यह लिपि सिर्फ इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह जाएंगी ऐसे में सरकार को इस दिशा में बेहतर कदम उठाने की जरूरत है।  

वास्तु दोष नष्ट करते हैं श्वेतार्क गणपति

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है