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आखिर क्यों पाकिस्तानियों ने मासूम श्रीलंकाई नागरिक को जलाकर मार डाला

क्या ईशनिंदा? उल्लंघन करने पर क्या है सजा का प्रावधान

आखिर क्यों पाकिस्तानियों ने मासूम श्रीलंकाई नागरिक को जलाकर मार डाला

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नई दिल्ली। पाकिस्तान ने एक बार फिर साबित किया है कि वहां मानवाधिकार और वैज्ञानिक सोच की भारी कमी है। इसी के चलते एक बार फिर वहां ईशनिंदा के आरोप में फैक्ट्री में काम कर रहे मैनेजर को सड़क पर जिंदा जला कर मार दिया।

पाकिस्तानी अखबार के मुताबिक यह घटना सियालकोट की एक फैक्‍ट्री में काम करने वाले श्रीलंकाई मैनेजर प्र‍ियांथा कुमारा को लोगों ने ईशनिंदा के आरोप में जला कर मार दिया। इधर, घटना के बाद पूरे इलाके को सील कर दिया है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि पाकिस्तान में ईश निंदा साफ शब्दों में कहें तो इस्लाम के बारे में कुछ गलत बोलने या लिखने पर किसी को मौत के घाट उतारने का यह पहला मामला नहीं है। एक डेटा के मुताबिक साल 1990 से अब तक पाकिस्तान में ईश निंदा के आरोप में 70 लोगों से अधिक लोगों की हत्या कर दी गई।

क्या है ईशनिंदा कानून?

ईशनिंदा जैसा का शब्द से ही साफ है ईश्वर की निंदा। अगर कोई व्यक्ति जान बूझकर पूजा स्थल को नुकसान पहुंचाए, या धर्म विशेष की आस्था की बुराई करे या फिर धार्मिक कार्य में बाधा पहुंचाए तो उसे ईश निंदा कहते हैं। ईशनिंदा कानून कहता है, इस्‍लाम या पैगंबर मुहम्‍मद के खिलाफ कुछ भी बोलने या करने पर मौत की सजा का प्रावधान है।

अगर मौत की सजा नहीं दी जाती है तो आरोपी को जुर्माने के साथ आजीवन कारावास झेलना पड़ सकता है। इस कानून की नींव ब्र‍िट‍िश शासनकाल में पड़ी थी। एक रिपोर्ट बतलाती है कि दुनिया के 26 फीसदी देश में ईशनिंदा कानून हैं, जहां धर्म की बुराई या धार्मिक भावना को आहत करने पर सजा दी जाती है। लेकिन कुछ देश ऐसे भी जहां ईशनिंदा करने पर मौत की सजा दी जाती है। ये देश हैं, सऊदी अरब, ईरान और पाकिस्तान।

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अब पाकिस्तान के हवाले से इस कानून को समझिए

हम सभी जानते हैं कि पाकिस्तान का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ। जिसके बाद पाकिस्तान से हिंदू सहित कई धर्म के लोग भारत आए। वहीं, कुछ जो भारत नहीं आए, वे पाकिस्तान में अल्पसंख्यक बनकर रह गए। अभी वर्तमान में पाकिस्तान की कुल आबादी में करीब 4 फीसदी ईसाई हैं।

ईसाइयों के एक समूह का कहना है ईश‍निंदा कानून का हवाला देकर लोग उनसे निजी दुश्‍मनी का बदला लेते हैं। इस कानून की आड़ में उन्‍हें नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन पर ईशनिंदा का झूठा आरोप भी लगाया गया है। इसका सबसे चर्चित मामला पिछले साल दिसम्‍बर में सामने आया था, जब ईशनिंदा के आरोप में एक ईसाई महिला आसिया बीबी को मारने के लिए 4.50 लाख रुपए के ईनाम की घोषणा की गई थी। ईशनिंदा कानून पाकिस्‍तान, ईरान, सऊदी अरब, मलेशिया मिस्र और इंडोनेशिया में सख्‍ती से लागू है।

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