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राहत की इंतजार में पंडोह के बाढ़ प्रभावित , अभी तक नहीं मिला कुछ भी

राहत की इंतजार में पंडोह के बाढ़ प्रभावित , अभी तक नहीं मिला कुछ भी

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वी कुमार/ मंडी। पंडोह बाजार के बाढ़ प्रभावित सरकार और प्रशासन की मदद के इंतजार में हैं। इन प्रभावितों तक अभी तक फौरी राहत भी नहीं पहुंच पाई है। रविवार को हुई भारी बारिश के बीच पंडोह डैम से छोड़े गए पानी के कारण लोगों का भारी नुकसान हुआ है। कुछ लोगों के घर टूट गए हैं तो कुछ के घरों में रखा सामान पानी की भेंट चढ़ गया है। इन प्रभावित परिवारों को अभी तक राहत के नाम पर फूटी कौड़ी भी नहीं मिल पाई है। वहीं सांसद राम स्वरूप शर्मा ने यहां का दौरा तो किया लेकिन प्रभावितों को कोई मदद न मिलने के कारण सांसद के प्रति भारी रोष देखने को मिल रहा है।

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प्रभावित शशि सूद ने बताया कि रविवार सुबह अचानक पानी का जलजला आ गया और इन्हें संभलने का भी मौका नहीं मिला। आस पड़ोस के लोगों ने बड़ी मुश्किल से इनकी जानें बचाई लेकिन घरों में रखा सामान पानी की भेंट चढ़ गया। शशि सूद रोते हुए अपना दुखड़ा बताती हैं कि सांसद ने यहां का दौरा तो किया लेकिन किसी प्रभावित को कोई मदद नहीं पहुंचाई। वहीं उनके दिव्यांग बेटे मुनीष कुमार ने सरकार से इनके परिवार की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए मदद की गुहार लगाई है। मुनीष का कहना है कि उनके पिता का साया सिर से उठ गया है और पूरा परिवार कागज के लिफाफे बनाकर अपना पालन पोषण कर रहा है। ऐसे में बाढ़ ने घर का सबकुछ बहा दिया जिससे अब जीवन यापन करने में परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।


पंडोह बाजार में पानी का जलजला आने से आधा बाजार जलमग्न हो गया था। पांच परिवार जो नदी के तट पर रहते थे उनका अधिक नुकसान हुआ है। एक प्रभावित का एक कमरे का छोटा सा बसेरा पानी की भेंट चढ़ गया है। प्रभावित पूर्ण सैनी बताते हैं कि उनके परिवार में वह और उनकी बुजुर्ग मां ही है। जिस दिन बाढ़ आई उस दिन उनके पास दो ही विकल्प थे। या तो वह अपनी मां को बचा सकते थे या फिर आशियाने को। ऐसे में उन्होंने अपनी मां को बचाया और आशियाना आंखों के सामने टूट गया। अब यह अपनी बूढ़ी मां के साथ अपने दोस्त के पास शरण लिए हुए हैं। इनका कहना है कि जितना नुकसान हुआ है उसकी ही भरपाई हो जाए तो काफी है।

अब यह प्रभावित सरकार और प्रशासन से मदद के इंतजार में हैं लेकिन यह मदद कब तक पहुंच पाएगी इस बारे कुछ नहीं कहा जा सकता। बरसात का मौसम अभी शेष है और भविष्य में अगर फिर से ऐसी ही मुसलाधार बारिश होती है तो इन परिवारों की चिंताएं और बढ़ जाएंगी। उम्मीद की जानी चाहिए कि सरकार व प्रशासन इस ओर विशेष ध्यान देकर इनकी हर संभव मदद करेगा।


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