Covid-19 Update

58,879
मामले (हिमाचल)
57,406
मरीज ठीक हुए
983
मौत
11,156,748
मामले (भारत)
115,765,405
मामले (दुनिया)

ब्राह्मण होते हुए भी क्षत्रिय स्वभाव के थे परशुराम 

ब्राह्मण होते हुए भी क्षत्रिय स्वभाव के थे परशुराम 

- Advertisement -

स्कंद पुराण और भविष्य पुराण में उल्लेख है कि वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया को माता रेणुका के यहां पुत्र रूप में भगवान विष्णु ने जन्म लिया। भगवान विष्णु का यह अवतार परशुराम का था। मान्यता है कि इसी दिन जन्म से ब्राह्मण और कर्म से क्षत्रिय भृगुवंशी परशुराम का जन्म हुआ था।
एक कथा के अनुसार परशुराम की माता और विश्वामित्र की माता के पूजन के बाद प्रसाद देते समय ऋषि ने प्रसाद बदल कर दे दिया था। जिसके प्रभाव से परशुराम ब्राह्मण होते हुए भी क्षत्रिय स्वभाव के थे और क्षत्रिय पुत्र होने के बाद भी विश्वामित्र ब्रह्मर्षि कहलाए। कोंकण और चिप्लून के परशुराम मंदिरों में इस तिथि को परशुराम जयंती बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है। दक्षिण भारत में इस दिन परशुराम की पूजा करके उन्हें अर्घ्य देने का बड़ा माहात्म्य माना गया है। सौभाग्यवती स्त्रियां और कुवांरी कन्याएं इस दिन गौरी-पूजा करके मिठाई, फल और भीगे हुए चने बांटती हैं।
परशुराम की आरम्भिक शिक्षा महर्षि विश्वामित्र एवं ऋचीक के आश्रम में प्राप्त होने के साथ ही महर्षि ऋचीक से सारंग नामक दिव्य वैष्णव धनुष और ब्रह्मर्षि कश्यप से विधिवत अविनाशी वैष्णव मन्त्र प्राप्त हुआ। तदनन्तर उन्होंने कैलाश  पर स्थित भगवान शंकर के आश्रम में विद्या प्राप्त कर दिव्यास्त्र  परशु प्राप्त किया। चक्रतीर्थ में किए कठिन तप से प्रसन्न हो भगवान विष्णु ने उन्हें त्रेता में रामावतार के समय कल्पान्त पर्यन्त तपस्यारत रहकर भूलोक पर रहने का वर दिया। परशुराम जी शस्त्रविद्या के महान गुरु थे। उन्होंने भीष्म, द्रोण व कर्ण को शस्त्रविद्या प्रदान की थी। उन्होंने एकादश छन्दयुक्त “शिव पंचत्वारिंशनाम स्तोत्र” भी लिखा। वे पुरुषों के लिये आजीवन एक पत्नीव्रत के पक्षधर थे। उन्हें कल्कि अवतार होने पर उनका गुरुपद ग्रहण कर उन्हें शस्त्रविद्या प्रदान करना भी बताया गया है

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है