Covid-19 Update

2,01,054
मामले (हिमाचल)
1,95,598
मरीज ठीक हुए
3,446
मौत
30,082,778
मामले (भारत)
180,423,381
मामले (दुनिया)
×

परेशानीः Shimla में पोलन का कहर, Hospital में बढ़ रहे Patient

परेशानीः Shimla में पोलन का कहर, Hospital में बढ़ रहे Patient

- Advertisement -

लोकिंदर बेक्टा/शिमला। राजधानी शिमला में आजकल पोलन ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। खासकर उन इलाकों में जहां पर देवदार के पेड़ हैं। बरसात के बाद धूप खिलने पर देवदार के पौधों से पोलन झड़ता है और इससे लोग कई बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। यानी यह पोलन लोगों के जीवन पर भारी पड़ रहा है। ऐसे में लोग बड़ी बेसब्री से बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि यह पोलन धुल जाए और उन्हें राहत मिले।

पोलन से सबसे ज्यादा दिक्कत अस्थमा और एलर्जी के मरीजों को झेलनी पड़ रही है पोलन हवा में उड़ते हुए कब लोगों को शरीर पर आए और आंख में जाए, पता ही नहीं चलता। पोलन से नाक, गला और आंखों में एलर्जी होने लगती है। जिन मरीजों को अस्थमा और एलर्जी की शिकायत रहती है, वह इससे ज्यादा पीड़ित होते हैं। राजधानी में पोलन गिरना शुरू होते ही अस्पताल में भी इसके रोगी आने लगे हैं। देवदार के पेड़ों से गिरने वाला पोलन सबसे ज्यादा फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है। इसी कारण सांस और गले के मरीजों को ज्यादा दिक्कत उठानी पड़ती है। 


वाहनों, घर की छतों पर पीली परत

शहर में आज स्थिति यह है कि जहां देवदार के पेड़ हैं, वहां खड़े वाहनों पर पीली परत दिखाई पड़ती है और छतों और लैंटर पर भी चारों ओर पीला पोलन बिखरा दिखता है। राजधानी में छोटा शिमला, नवबहार, जाखू, हैनाल्ट, यूएस क्लब समेत ऐसे तमाम इलाकों में इसका असर है, जहां पर देवदार है। इन इलाकों में लोगों को ज्यादा दिक्कत उठानी पड़ रही है। ऐसे में लोग बारिश की का इंतजार कर रहे हैं। बारिश होने पर पोलन धुल जाएगा और फिर लोगों को इससे राहत मिलेगी, लेकिन जब तक बारिश नहीं होती, लोगों को इसकी मार झेलनी पड़ेगा।

आईजीएमसी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद के मुताबिक पोलन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। उनका कहना था कि पोलन से जिन लोगों को एलर्जी होती है, उन्हें खुद ऐसे स्थानों पर नहीं जाना चाहिए, जहां पर पोलन गिरता है या फिर देवदार के पेड़ हैं। यदि कोई लोग ऐसे इलाकों में रहते हैं तो उन्हें कुछ दिनों के लिए किसी दूसरे स्थान पर जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पोलन गिरने से अस्थमा और एलर्जी के मरीजों को ज्यादा दिक्कत होती है और आजकल अस्पताल में भी इसके रोग बढ़े हैं। वहीं, आंख, नाक और गले में एलर्जी के मरीज भी आ रहे हैं। डॉ. रमेश का कहना था कि पोलन से बचाव को लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए और जब भी किसी ऐसे क्षेत्र से गुजरें, जहां देवदार के पेड़ हो, वहां नाक को रूमाल से ढक कर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को भी इससे बचाना जरूरी है। उनका कहना था कि पोलन से एलर्जी होने पर लोगों को तुरंत डॉक्टर से दिखाना चाहिए।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है