Covid-19 Update

2,05,499
मामले (हिमाचल)
2,01,026
मरीज ठीक हुए
3,504
मौत
31,526,589
मामले (भारत)
196,267,832
मामले (दुनिया)
×

नूरपुर के सुलयाली की कहानी, नल में तीसरे दिन आता है पानी, वो भी मटमैला

बरसात के नाले के पानी से बीमारियां फैलने का खतरा

नूरपुर के सुलयाली की कहानी, नल में तीसरे दिन आता है पानी, वो भी मटमैला

- Advertisement -

नूरपुर । देश में प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहल लोगों को पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाने का खूब दावे होते रहे हैं। लेकिन अभी भी बहुत सारे गांव ऐसे हैं जहां लोग गंदा पानी पीने के लिए मजबूर है। अब इसे विभाग का नाकारापन कहें या बरसात की मार। चलिए बात करते हैं जिला कांगड़ा के नूरपुर ब्लाक के गांव सुलियाली की । यहां पर लोग कीचड़ वाला वानी पी रहे हैं। हुआ यू कि पिछले कुछ साल पहले यहां पर बने पानी के स्टोरेज टैंक पर भूस्खलन हुआ था। इस टैंक में प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी इकट्ठा होता था और गांव के लोगों को पानी सप्लाई किया जाता है। भूस्खलन के चलते पुराना टैंक तो बंद कर दिया और जल शक्ति विभाग ने नई टंकियां बनवा कर खड्ड के पानी की आपूर्ति लोगों को करनी शुरू कर दी। अब हाल है कि बरसातके समय खड्ड में जो मिट्टी युक्त पानी आता है , लोगों को वह पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

यह भी पढ़ें: Himachal: खेलते खेलते दुपट्टे के झूले में फंसने से सात वर्षीय बच्ची की गई जान


 

इतना ही नहीं कई बार खड्ड में पानी ज्यादा आने के कारण जो विभाग ने पानी स्टोर करने के जो व्यवस्था की है वह क्षतिग्रस्त हो जाती है और लोगों को पीने के पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती। अभी कुछ दिन पहले जो बारिश में भी यही हुआ और तीनों दिनों से लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है अगर जो थोड़ा बहुत पानी मिल भी रहा है। वह कीचड़ और मिट्टी मिला हुआ है। ॉ लौहारपुरा पंचायत प्रधान कृष्ण हीर ने कहा कि यह सुलियाली का सबसे पुरानी वाटर सप्लाई स्टेशन है। यह 1968 को शुरू किया गया था। तब इसमें केवल 14 कनेक्शन हुआ करते थे, पर आज इसपर हजारों लोगों को पानी सप्लाई किया जा है। पर व्यवस्था वैसे की वैसी है। कुछ साल पहले यहां एक पहाड़ गिरा था जिसके चलते जो पुराना पानी का टैंक था वह नष्ट हो गया। इसके साथ ही नाले का पानी एक तरफ हो गया। विभाग ने जो पानी के स्टोरेज के टंकी बनाई है वह नाले के बीच में है। जैसे नाले में बरसात का गन्दा , मिट्टी युक्त पानी आता है वह इन टंकियों में भर जाता है और लोगों को सप्लाई किया जा रहा है। इससे लोगों में बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि अगर विभाग ने जल्द इसे ठीक नहीं करवाया तो लोगों को मजबूरन जलशक्ति विभाग कार्यालय में धरना देना पड़ेगा।

 

उधर आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता अनिल डोगरा ने कहा कि बारिश ज्यादा होने की वजह से यह समस्या हुई है। क्योंकि बारिश की वजह से कई जगह पानी की पाइप टूट गई है और कई पानी की स्टोरेज टंकियों को भी नुक्सान पहुंचा है। जैसे ही बारिश कम हो जाती है तो यह सारी व्यवस्थाएं ठीक कर देंगे और जल्द ही लोगों को जो पीने के पानी की समस्या आ रही है उससे निजात दिलवा देंगे। जल शक्ति योजना के तहत काम चला हुआ है जो कुछ समय बाद पूरा हो जाएगा। जिससे पूरे गांव को पीने के पानी की समस्या नहीं रहेगी ।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए Subscribe करें हिमाचल अभी अभी का Telegram Channel…

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है