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#Himachal में 71वें भारतीय संविधान दिवस पर एकता और अखंडता की ली शपथ

#Himachal में 71वें भारतीय संविधान दिवस पर एकता और अखंडता की ली शपथ

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हिमाचल अभी अभी। “हम भारत के लोग भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न समाजवादी, पंथ निरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के साथ ही राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने का संकल्प लेते हैं”। ये शपथ (oath) गुरुवार को 71वें भारतीय संविधान दिवस (71st Indian Constitution Day) के अवसर पर प्रदेश भर में ली गई। बता दें कि आज ही के दिन सन् 1949 में भारतीय संविधान बनकर तैयार हुआ था। इसके बाद 26 जनवरी 1950 को इसे पूरे देश पर लागू कर दिया गया। भारतीय संविधान के निर्माण में कुल दो वर्ष 11 माह और 18 दिन का समय लगा था। समाज को निष्पक्ष न्याय प्रणाली मिले तथा विभिन्न वर्गों के अंतर को बराबर कर देश की एकता व सामाजिक सन्तुलन बनाए रखने के लिए तत्कालीन विधि मंत्री व संविधान निर्माता की कानूनी एवं राजनैतिक योग्यता के कारण ही देश के प्रबल संविधान का निर्माण हुआ था।

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राजधानी शिमला (Shimla) में भारतीय संविधान दिवस के अवसर पर बचत भवन में शपथ समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज (Suresh Bhardwaj) ने समारोह में उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि संविधान में निहित अधिकार के साथ-साथ मौलिक कर्तव्यों का पालन प्रत्येक व्यक्ति को करना अत्यन्त अवश्यक है तभी हम देश के प्रति अपनी जिम्मेवारी का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने में सक्षम होंगे। उन्होंने बताया कि डॉ भीमराव अम्बेदकर (Dr. Bhimrao Ambedkar) की अध्यक्षता में संविधान समिति का गठन कर संविधान का निर्माण किया गया। डॉ भीमराव अम्बेदकर पिछड़े व दलित वर्ग से संबंध रखते थे। आज का दिन उन्हें नमन करने का दिन है।

 

वहीं हिमाचल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप (MP Suresh Kashyap) ने सभी प्रदेशवासियों को संविधान दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा 26 नवंबर भारतीय इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना है। भारत का संविधान वह ताक़त है जो इस देश को एक और अखंड रखने के साथ एक नए भारत के निर्माण की बुनियाद भी तैयार करता है। विविधताओं से भरे भारत को जोड़ने के लिए बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर समेत देश के संविधान निर्माताओं की जो भूमिका रही है, उसे यह देश कभी नहीं भूलेगा। हम सभी अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करें, हमारा संविधान भी हमें यही निर्देश देता है।

ऊना में कृषि मंत्री बोले: भारत का संविधान विश्व के सभी देशों में से बेहतरीन

 

ऊना। हिमाचल के ऊना जिला मुख्यालय पर गुरुवार को संविधान दिवस के मौके पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को संविधान की सुरक्षा में अपना योगदान सुनिश्चित करने की शपथ दिलाई। वीरेंद्र कंवर (Virendra Kanwar) ने कहा की वर्ष 1947 में जब देश का विभाजन होने के बाद पाकिस्तान अलग देश के रूप में अस्तित्व में आया तो उसने खुद को इस्लामिक स्टेट घोषित किया, लेकिन भारत (India)  ने खुद को सेकुलर देश घोषित करते हुए यहां सभी धर्मों पंथो और विचारधाराओं को समान अधिकार देते हुए दुनिया का बेहतरीन संविधान लागू किया। कृषि मंत्री ने कहा कि भारत का संविधान विश्व के सभी देशों में से बेहतरीन संविधान है।

काजा में डॉ राम लाल मार्कंडेय ने  दिलाई शपथ

 

तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ राम लाल मार्कंडेय (Dr. Ramlal Markandey) ने संविधान दिवस के अवसर पर काजा (Kaza) में अधिकारियों और कर्मचारियों को शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आजादी के बाद डॉ भीम राव अंबेडकर सहित कई विद्वानों ने मिलकर भरतीय संविधान तैयार किया था। इसमें कई देशों के संविधान में वर्णित बातों को समाहित किया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में देश की एकताए अखंडता के साथ.साथ भारत व समाज हित के साथ सामान्य लोगों के अधिकारों का वर्णन किया गया है। हमारे पढ़ने, लिखने व बोलने की स्वतंत्रता भी इसी का एक हिस्सा है।

मंत्री सुखराम चौधरी नाहन में दिलाई शपथ

 

नाहन। सविधान दिवस के उपलक्ष्य पर गुरुवार को यहां डीसी कार्यालय के बचत भवन में ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी (Energy Minister Sukhram Chaudhary) ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को संपूर्ण, प्रभुत्व-सम्पन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने और मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति शपथ दिलाई। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हमारे संविधान को बनाने में बाबा साहब अम्बेडकर का बहुत बड़ा योगदान रहा हैं। आज ही के दिन संविधान ड्राफडिंग समिति के अध्यक्ष डॉ. भीम राव अम्बेडकर ने संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद (Dr. Rajendra Prasad) को मसौदा सौपा था। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 के बाद भारत सरकार ने इस दिन को संविधान दिवस के रूप में मनाना निश्चित किया है और इस दिन को हम डॉ भीम राव अम्बेडकर के संविधान निर्माण में बहुमूल्य योगदान के लिए भी याद करते है।

धर्मशाला में एडीसी ने दी संविधान की जानकारी

 

धर्मशाला। एडीसी राहुल कुमार ने 71वें संविधान दिवस के अवसर पर गुरुवार को डीसी कार्यालय के प्रांगण में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भारत के संविधान की शपथ दिलाई। एडीसी (ADC) ने बताया कि भारत संविधान भारत का सर्वोच्च संविधान है जो संविधान सभा द्वारा 26 नवंबर, 1949 को पारित हुआ तथा 26 जनवरी, 1950 से प्रभावी हुआ। यह दिन 26 नवंबर भारत के संविधान दिवस के रूप में घोषित किया गया, जबकि 26 जनवरी का दिन भारत में गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत का संविधान विश्व में सबसे लंबा लिखित संविधान है। उन्होंने बताया कि संविधान दिवस मनाने का मकसद नागरिकों को संविधान के प्रति सचेत करना व समाज में संविधान के महत्व का प्रसार करना है।

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