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स्वास्थ्य विभाग में हटेंगे MBBS नहीं Program Officer

स्वास्थ्य विभाग में हटेंगे MBBS नहीं Program Officer

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 शिमला। प्रदेश के चिकित्सकों ने आज यहां राज्य सचिवालय में प्रधान सचिव स्वास्थ्य प्रबोध सक्सेना के साथ बैठक की। इस बैठक में चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर मेडिपर्सन एक्ट के साथ-साथ चिकित्सकों के अन्य मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में चिकित्सकों ने अपनी समस्याएं प्रधान सचिव के समक्ष रखी और अपनी पीढ़ा से उनको अवगत करवाया।  बैठक में स्वास्थ्य विभाग में तैनात उन प्रोग्राम अफसरों को हटाने पर सहमति बनी, जो एमबीबीएस नहीं हैं। इसे लेकर पिछले कुछ दिनों से चर्चा चल रही थी और डॉक्टरों की मांग थी कि इस पद पर एमबीबीएस ही होने चाहिए। बैठक में डॉक्टरों ने कहा कि जो जिस फील्ड से है, उसे वहीं पर लगाया जाए। ऐसा न होने से कार्य में भी परेशानी हो रही है।  बैठक में ऊना, बिलासपुर, रिवाल्सर कुल्लू में चिकित्सकों के साथ हुए अभद्र व्यवहार के मामलों की जांच में तेजी लाने का प्रधान सचिव ने आश्वासन दिया और कहा कि वे खुद इन पर नजर रखेंगे।


  • चिकित्सकों ने प्रधान सचिव स्वास्थ्य प्रबोध सक्सेना के साथ बैठक कर मांगों को लेकर की चर्चा
  • परिवहन विभाग से उठाया जाएगा डीएचएस से सीएमओ स्तर तक के अफसरों को बत्ती का मामला

इसके साथ-साथ सर्विंग डॉक्टरों के पीजी कोटा के मुद्दे पर सुप्रीमकोर्ट के आदेश के मुताबिक कार्य करने पर चर्चा हुई और बैठक में कहा गया कि पीजी के लिए हो रही ताजा भर्तियों पर भी इसे फालो किया गया है।  बैठक में चिकित्सकों के टाइम स्केल के मामले को कैबिनेट में ले जाने पर सहमति बनी। उधर, नए चिकित्सकों की भर्ती को अनुबंध के वजाय तदर्थ आधार पर करने पर विचार विमर्श हुआ और कहा कि इस पर सरकार विचार कर सकती है। चिकित्सकों की मांग थी कि तदर्थ आधार पर भर्ती अनुबंध से बेहतर है। बैठक में चिकित्सकों के ग्रामीण भत्ते को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई और तय हुआ कि इस मामले को वित्त विभाग से उठाया जाएगा। चिकित्सकों की वरिष्ठता सूची को निदेशालय स्तर पर तैयार करने पर भी सहमति बनी। बीएमओ के खाली पदों को इसी माह भरा जाएगा। डीएचएस से सीएमओ स्तर तक के अफसरों को बत्ती देने के मामले को परिवहन विभाग से उठाने पर सहमति बनी। जहां तक आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टरों की ड्यूटी के घंटों की बात है, इस मामले को डीएमई और कॉलेज के प्रिंसिपल के साथ चर्चा की जाएगी। पीजीआई में पीजी करने के लिए एक विषय पर एक स्टेट को एक ही सीट देने के मामले पर भी चर्चा हुई और कहा गया कि उस मामले को उचित स्तर पर उठाया जाएगा। बैठक में अस्पतालों में एमएस के पद को सृजित करने के बाद उनके लिए स्टाफ की तैनाती के मामले पर भी चर्चा हुई और कहा गया कि इस मामले को कैबिनेट में ले जाया जाएगा।


एचएमओए के प्रधान डॉ. जीवानंद चौहान ने कहा कि आज उनकी प्रधान सचिव स्वास्थ्य के साथ काफी सकारात्मक चर्चा हुई है और पिछले कल मुख्य सचिव वीसी फारका के साथ भी काफी अच्छी बैठक रही। उन्होंने मुख्य सचिव और प्रधान सचिव स्वास्थ्य के प्रति विश्वास जताया और कहा कि उन्हें इन पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि उनकी सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। 

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