Covid-19 Update

1,99,740
मामले (हिमाचल)
1,93,403
मरीज ठीक हुए
3,411
मौत
29,762,793
मामले (भारत)
178,254,136
मामले (दुनिया)
×

तकिए के पुराने गिलाफ को ऐसे दोबारा काम में लाएं

- Advertisement -

तकिए के सूती खोल क़ीमती साड़ियों, शेरवानी व कोट आदि को रखने का अच्छा ज़रिया बन सकते हैं। साड़ी को इसमें रखकर खोल के किनारों को फोल्ड कर दें। सारे कपड़ों को पुराने कवर्स में रखकर, किसी सूटकेस या अलमारी के खाने में जमाकर, उसमें नेफ्थलीन बॉल्स डाल दें। अगर आपने क़ीमती साड़ियों को हैंगर में लटकाया है, तो दूसरे कपड़ों की रगड़ से उनकी ज़री ख़राब हो सकती है। ऐसे में भी गिलाफ काम आ सकते हैं। आप ज़री वाली साड़ियों को कवर करते हुए लटका दीजिए। हालांकि, हैंगर पर लटकी ज़री वाली, सिल्क या अन्य साड़ियों की तहें पलटते रहना चाहिए। वॉशिंग मशीन में कपड़े धोते समय लेगिंग्स और टीशर्ट्स के उलझने के कारण ये कपड़े खिंच जाते हैं और जल्दी ही ढीले पड़कर ख़राब होने लगते हैं। इनकी रक्षा पुराने तकिए के गिलाफों द्वारा की जा सकती है। इन कपड़ों को किसी सूती तकिए के कवर में डालकर, कवर का मुंह किसी डोरी से बांध दीजिए और मशीन में डाल दीजिए। कपड़े धुल भी जाएंगे और उलझेंगे भी नहीं। इसी तरह अगर किसी कपड़े के रंग छोड़ने की गुंजाइश हो, तो उसे भी किसी कवर में बंद करके धो सकते हैं। नाज़ुक कपड़ों के साथ भी यह उपाय आज़माया जा सकता है। यह उपाय पुराने नहीं, बल्कि नए गिलाफों के लिए है। अक्सर ऐसा होता है कि मेहमानों के आने पर या कभी ख़ुद ही बिस्तर की चादरें बदल रहे हों, तो चादर के साथ के मैचिंग गिलाफ नहीं मिलते। हम धोने के बाद दोनों को साथ रखते तो हैं, लेकिन फिर बार-बार कपड़े निकालने में वो इधर-उधर हो जाते हैं। इसका उपाय है कि एक गिलाफ में चादर और दूसरे गिलाफ को तह करके अच्छी तरह रख दें। अब जब निकालेंगे, तो जोड़ियां इधर-उधर नहीं होंगी। इस गिलाफ को अगर मैचिंग बेडकवर हो, तो उसमें लपेटकर रख दें। पूरा सेट साथ ही बना रहेगा।
पुराने गिलाफों के झाड़न तो आपने बनाए होंगे, लेकिन पंखों के ब्लेड्स साफ़ करने के लिए आपको गिलाफ के टुकड़े करने की ज़रूरत नहीं है। हर ब्लेड पर गिलाफ चढ़ाकर, हल्का-सा दबाते हुए उतार दें। इससे ब्लेड्स की धूल-गर्द ज़मीन पर या पलंग पर नहीं गिरेगी, गिलाफ के अंदर ही रहेगी। जाले निकालते समय भी झाड़ू के सिरे पर एक पुराना गिलाफ चढ़ा दीजिए, फिर दीवारों व छत को साफ़ कीजिए। मकड़ी के जाले आदि कपड़े पर चिपक जाएंगे, दीवार भी गंदी नहीं होगी और झाड़ू के तिनकों में से जालों को खींचकर निकालने का झंझट भी नहीं होगा।


- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

RELATED VIDEO

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है