Covid-19 Update

59,065
मामले (हिमाचल)
57,507
मरीज ठीक हुए
984
मौत
11,210,799
मामले (भारत)
117,078,869
मामले (दुनिया)

लाओस : यहां बिखरे पड़े हैं पत्थरों के हजारों जार

लाओस : यहां बिखरे पड़े हैं पत्थरों के हजारों जार

- Advertisement -

मनुष्य का इतिहास जितना पुराना है उसकी सामाजिक परंपरा में शायद अंत्येष्टि के तरीके भी उतने ही प्राचीन ढंग से हमारे सामने आते हैं। जब भी पुरातात्विक अन्वेषण हुए हैं एक नई परंपरा सामने आई है। इसी क्रम में लाओस के पठार पर एक लंबे एरिया में दूर तक फैले जार एक अलग तरह की अंत्येष्टि परंपरा का परिचय देते हैं।

लाओस दक्षिण पूर्व एशिया में स्थित एक देश है। इसकी सीमाएं उत्तर पश्चिम में म्यान्मार और चीन से, पूर्व में कंबोडिया, दक्षिण में वियतनाम और पश्चिम में थाईलैंड से मिलती है। इसे हजार हाथियों की भूमि भी कहा जाता है। लाओस के पठार पर एक पुरातात्विक भूमि रेखांकित की गई है और यहां की पूरी घाटी, में खास कर पहाड़ों की तलहटी में पत्थर के हजारों जार इधर-उधर बिखरे दिखाई देते हैं। अपने आप में अजूबा बने, इस लंबे-चौड़े पठार पर इतनी संख्या में पत्थर के जार क्यों बनाए गए, इसका कोई अंदाजा नहीं है पर इनके आसपास जो भी वस्तुएं पाई गई हैं वे ज्यादातर कब्रिस्तानों में कब्रों के साथ पाई जाती हैं।

शवों की इस तरह की अंत्येष्टि का तरीका प्रागैतिहासिक काल का है। इस पठार पर अब तक 90 से ज्यादा साइट्स ढूंढे जा चुके हैंऔर हर साइट पर एक से लेकर चार सौ तक के जार हैं। ये सभी जार चट्टानों से काट कर बनाए गए हैं और बेलनाकार हैं जिनकी बनावट नीचे से ऊपर जाते जाते चौड़ी हो गई है। ये सभी शायद ढक्कन वाले थे क्यों कि कुछ तो बाकायदा बंद हैं कुछ पर बंद करने के लिए मुंह पर जगह बनी हुई है। ज्यादातर सभी सादे से हैं। इन पर कोई सजावट नहीं है।

हां, साइट नंबर एक पर अकेला जार ऐसा है जिसके ढक्कन पर फ्रॉगमैन जैसी आकृति बनी हुई है। कुछ ऐसे ढक्कन भी मिले हैं जिनपर शेर, बंदर और मेंढकों की चित्राकृतियां हैं। अंदाजा यही है कि शायद ये जार कब्रों को रेखांकित करने के लिए बनाए गए। इन्हें सैंड स्टोन, ग्रेनाइट और लाइमस्टोन की चट्टानों को तराश कर बनाया गया है। कार्बन डेट के अनुसार ये कांस्य युग के ठहरते हैं।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है