Covid-19 Update

58,879
मामले (हिमाचल)
57,406
मरीज ठीक हुए
983
मौत
11,156,748
मामले (भारत)
115,765,405
मामले (दुनिया)

Nadda के घर में स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवालः मां के पेट में दम घुटने से बच्ची की मौत, Distt Hospital पर उठी अंगुली

Nadda के घर में स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवालः मां के पेट में दम घुटने से बच्ची की मौत, Distt Hospital पर उठी अंगुली

- Advertisement -

सुभाष ठाकुर/ बिलासपुर। Union Health Minister JP Nadda के Home Distt Bilaspur स्थित Distt Hospital की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गया है। यहां प्रसव के लिए आई महिला के पेट में बच्ची की दम घुटने से मौत हो गई है। जबकि मां की जान Private Hospital में ऑपरेशन कर बचाई जा सकी। इससे एक बात तो साफ है कि सरकार के जच्चा-बच्चा के सुरक्षित रखने के दावे हवा होते दिख रहे हैं। वहीं, सवाल यह उठता है कि अगर Hospital में पर्याप्त सुविधाएं ही नहीं है तो लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सरकारी Hospital में कैसे मिल पाएंगी। Bilaspur Union Health Minister JP Nadda का गृह जिला है, ऐसे में अगर यहां पर Health facilities पर सवाल उठ रहे हैं तो यह गंभीर विषय है।

गौरतलब है कि जिला अस्पताल बिलासपुर में 20 अप्रैल को जुखाला की हेमा देवी को प्रसव को लेकर भर्ती करवाया गया था। पहले दिन डॉक्टर ने उसे व होने वाले बच्चे को स्वस्थ बताया। वहीं, दूसरे दिन सुबह उपस्थित डॉक्टर व स्टाफ नर्स ने सामान्य प्रसव होने की बात कह कर उनके परिजनों को रूम से बाहर कर दिया। हेमा देवी के पति जितेंद्र सिंह ने बताया कि जब उनकी पत्नी की हालत गंभीर होने लगी तो उपस्थित Staff Nurse ने परिजनों को अपने मरीज से भी मिलने नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि हम स्टाफ नर्सों के कामकाज में दखल नहीं देना चाहते थे। लेकिन, भारी प्रसव की पीड़ा से कराह रही महिला के परिजनों ने जब नर्स को डॉक्टर को बुलाने की प्रार्थना की तो नर्स ने उनकी नहीं सुनी। कुछ देर बाद जो स्टाफ नर्स सामान्य प्रसव होने की बात कह रही थी, वह कहने लगी की इस महिला का प्रसव यहां पर साधन के अभाव के चलते नहीं हो सकता। इसलिए इन्हें यहां से ले जाओ।

निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बचाई महिला की जान

परिजन उन्हें बिलासपुर स्थित निजी अस्पताल ले गए। जब निजी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड लिया गया तो पता चला कि 20 मिनट पहले ही बच्चा पेट में दम घुट कर मर चुका था। डॉक्टर ऐसी परिस्थिति में बच्चे को तो नहीं बचा पाए, लेकिन मां को बचा लिया। परिजनों का कहना है कि अगर हॉस्पिटल में प्रसव के साधन नहीं थे तो उन्होंने अस्पताल में भर्ती क्यों किया। उन्होंने Union Health Minister JP Nadda से Hospital में कार्यरत Doctor व Staff के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

गुस्साए परिजनों ने कहा कि इस घटना से जिला हॉस्पिटल के CMO को भी अवगत करवाया। लेकिन, अभी तक Hospital प्रबंधन ने कार्यरत स्टाफ नर्स के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, एक अन्य व्यक्ति मदनलाल का भी कहना है कि इसी दिन उनकी पत्नी निशा कुमारी का भी प्रसव होना था, लेकिन उन्हें भी यहां से निजी अस्पताल का ही रुख करना पड़ा। हालांकि उनका बच्चा व पत्नी सुरक्षित है। लेकिन, डॉक्टरों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।

विधायक राम लाल ठाकुर ने उठाए सवाल

पूर्व मंत्री एवं वर्तमान श्री नैना देवी विधानसभा विधायक राम लाल ठाकुर ने आज पत्रकार वार्ता में कहा कि बिलासपुर में अस्पताल के इतने बुरे हाल हैं कि लोगों को इलाज करवाने के लिए प्राइवेट अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।

Union Health Minister JP Nadda पर भड़कते हुए कहा कि केंद्र में बिलासपुर के ही स्वास्थ्य मंत्री बैठे हुए हैं और प्रदेश में भी उनकी सरकार है, फिर भी वो बिलासपुर के क्षेत्रीय अस्पताल के बारे में नहीं सोच रहे हैं। बिलासपुर में डॉक्टरों के पद खली पड़े हुए हैं, जिसके चलते लोगों को हजारों पैसे खर्च करके प्राइवेट अस्पताल जाना पड़ता है। प्रदेश सरकार वादे तो बड़े-बड़े कर रही है पर सारे नाकाम साबित हो रहे हैं।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है