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Post Office का कारनामाः पासबुक में 73862 रुपए की एंट्री और…

Post Office का कारनामाः  पासबुक में 73862 रुपए की एंट्री और…

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post office : शिमला। अगर आप के खाते में 73862 रुपए हों और यह पैसे आपकी पासबुक में भी दर्ज भी हों। पर जब आप पैसे निकलवाने जाएं और आपसे कहा जाए कि आपके खाते में तो सौ ही रुपए हैं, तो सोचो आप पर क्या गुजरेगी। जी हां ऐसा की एक वाक्या जाओ निवासी के साथ हुआ है। निरमंड खंड के जाओ के रहने वाले दीप राम ने पाई-पाई जोड़कर अपने दो बच्चों की पांच वर्ष के लिए आरडी खोली थी। मैच्योरटी के बाद राशि को खाते में जमा करवाया। पासबुक खाते में तो 73862 की राशि जमा दर्ज है, लेकिन दीप राम जब निकासी के लिए निरमंड स्थित डाकघर गए तो उन्हें बताया गया कि खाते में राशि केवल सौ रुपए ही है। यह सुनकर दीप  राम के पैरो तले जमीन खिसक गई। पास बुक में शाखा डाकघर की मुहर समेत पैसे दर्ज हैं, मगर खाते में सौ रुपए।

post office: पाई-पाई जोड़ जमा किए थे पैसे

अपनी फरियाद लेकर वो स्थानीय शाखा डाकघर से लेकर उप डाकघर के चक्कर लगाते रहे।  थक हार कर उन्होंने रामपुर मुख्य डाकघर के अधीक्षक से फरियाद लगाई है और उसे भरोसा मिला है कि पैसों के भुगतान में किसी ने भी हेरा-फेरी की होगी, उससे वसूल किया जाएगा।


उल्लेखनीय है कि आनी उपमंडल के तहत निरमंड के दूर-दराज क्षेत्र जाओ निवासी दीप राम शर्मा ने  पांच वर्ष पूर्व अरसू उप डाकघर के अंतर्गत शाखा डाकघर जाओ में अपने दो  बच्चों ललित व नीरज के नाम पांच-पांच सौ रुपए के दो पांच वर्षीय आरडीएस खाते खुलवा रखे थे, जो इसी वर्ष 2 फरवरी को मेच्योर हो गए थे, परंतु इसकी मेच्योरिटी राशि प्राप्त करने के लिए दीप राम की पहले तो विभागीय कर्मचारियों ने भारी-भरकम कसरत करवा डाली। अपने पैसे प्राप्त करने हेतु बार-बार अरसू उप डाकघर के चक्कर लगाने पर भी वजाए पैसे देने के उन्हें नित नए-नए बहाने बनाकर चलता किया जाता रहा।

हद तो तब हो गई जब 36931 व 36931 रुपए की दोनों उक्त राशियां क्रमशः 27 मार्च और एक अप्रैल को उनकी सेविंग पास बुक में बाकायदा डाकघर की मोहर सहित जमा हुई दर्शाई गई,  परंतु जब वे 12 अप्रैल को निकासी हेतु निरमंड डाकघर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उनके खाते में 73862 रुपये के स्थान पर मात्र 100 रुपए  ही जमा हैं। आखिर थक हार कर उन्होंने ये मामला डाक अधीक्षक रामपुर सुरजीत सिंह के संज्ञान में लाया, जिन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए अरसू डाकघर के डाकपाल को तलब कर दीप राम शर्मा की खून-पसीने की बचत को खाते में डालने के निर्देश दिए।  

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