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Live: आत्मनिर्भर भारत पैकेज की तीसरी क़िस्त; किसानों के लिए खुला पिटारा, जानें कहां गया कितना

Live: आत्मनिर्भर भारत पैकेज की तीसरी क़िस्त; किसानों के लिए खुला पिटारा, जानें कहां गया कितना

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नई दिल्ली। भारत में जारी कोरोना वायरस (Coronavirus) के कहर के बीच सब कुछ ठप पड़ा हुआ है। इस बीच केंद्र सरकार द्वारा देश की अर्थव्यवस्था को पुश करने के लिए 20 लाख करोड़ रूपए के विशेष आर्थिक पैकेज (Special economic package) का ऐलान किया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में इस पैकेज का ऐलान करते हुए इसे आत्मनिर्भर भारत पैकेज का नाम दिया था। वित्त मंत्रालय की ओर से अभी तक MSME सेक्टर और किसानों-मजदूरों के लिए राहत का ऐलान किया जा चुका है।

किसानों और ग्रामीण भारत के लिए खुलेगा खजाना

वहीं आज शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस पैकेज की तीसरी क़िस्त के बारे में ऐलान करते हुए 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज को लेकर विस्तार से जानकारी दे रही हैं। इस कड़ी में उनकी ये तीसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस हैं। वे आज आर्थिक पैकेज में किसानों और ग्रामीण भारत के लिए दी गई राहतों के बारे में विस्‍तार से जानकारी दे रही हैं। आज की घोषणाएं मुख्य रूप से कृषि तथा संबद्ध गतिविधियों पर केंद्रित रहेंगी।

वित्त मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू, कृषि सेक्टर से जुड़े बुनियादी ढांचे पर होंगे

Gepostet von Himachal Abhi Abhi am Freitag, 15. Mai 2020

आज किसानों पर फोकस

प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में वित्त मंत्री ने कहा कि आज के ऐलान किसानों से जुड़े होंगे। 8 ऐलान कृषि सेक्टर से जुड़े बुनियादी ढांचे पर होंगे।वित्त मंत्री ने कहा कि आज कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों के लिए हम घोषणाएं करेंगें। लॉकडाउन के दौरान भी किसान काम करते रहे, छोटे और मंझोले किसानों के पास 85 फीसदी खेती है।वित्त मंत्री ने कहा कि दाल उत्पादन में हम दुनिया में तीसरे नंबर और गन्ना उत्पादन में हम दूसरे नंबर पर हैं।वित्त मंत्री ने बताया कि 560 लाख लीटर दूध लॉकडाउन के दौरान डेयरी को ऑपरेटिव सोसाइटीज के द्वारा खरीदा गया है।

कृषि के बुनियादी ढांचे के लिए सरकार एक लाख करोड़ देगी। ये एग्रीग्रेटर्स, एफपीओ, प्राइमरी एग्रीकल्चर सोसाइटी आदि के लिए फार्म गेट इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए दिया जाएगा जैसे कोल्ड स्टोरेज।

जानवरों में फुट ऐंड माउथ डिजीज होता है, क्योंकि उनका टीकाकरण नहीं होता, इसलिए दूध के उत्पादन पर असर पड़ता है। अब सभी पशुओं का 100 फीसदी टीकाकरण होगा। जनवरी 2020 तक 1.5 करोड़ गाय,भैंसों का टीकाकरण किया गया। ग्रीन जोन में यह काम जारी है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि निजी निवेश डेयरी प्रोसेसिंग में बढ़ावा देने, कैटल फीड प्रोडक्शन में निर्यात के लिए 15,000 करोड़ रूपए का फंड है। चीज जैसे नीश प्रोडक्ट के ​प्लांट लगाने के लिए सरकार प्रोत्साहन देगी।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, इसकी घोषणा बजट में की गई की, कोरोना की वजह से इसे तत्काल लागू किया जा रहा है। मछुआरों को नई नौकाएं दी जाएंगी। 55 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। इससे भारत का निर्यात दोगुना बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपए का हो जाएगा। अगले 5 साल में 70 लाख टन अतिरिक्त मत्स्य उत्पादन होगा।

 

वित्त मंत्री ने कहा कि फूड एंटरप्राइजेज माइक्रो साइज के लिए 10 हजार करोड़ रुपए दिया जाएगा। क्लस्टर आधार पर ताकि वे ग्लोबल स्टैंडर्ड के प्रोडक्ट बना सकें, वेलनेस, हर्बल, ऑर्गनिक प्रोडक्ट करने वाले 2 लाख माइक्रो फूड एंटरप्राइजेज को फायदा होगा। जैसे बिहार में मखाना उत्पाद, कश्मीर में केसर, कर्नाटक में रागी उत्पादन, नॉर्थ ईस्ट में ऑर्गनिक फूड, तेलंगाना में हल्दी।

हर्बल पौधों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 4,000 करोड़ रूपए

मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़ रूपए की सहायता

वित्त मंत्री ने कहा कि सप्लाई चेन किसानों की बाधित हो गई है। फल, सब्जियों को खेतों से बाजार तक लाने के लिए, खराब होने से बचाने के लिए 500 करोड़ रूपए की अगले 6 महीने तक इस पायलट प्रोजेक्ट को बढ़ा दिया गया है।

सरकारी और प्रशासनिक सुधार 1 आवश्यक जिंस एक्ट 1955 में लागू हुआ था, अब देश में प्रचुर उत्पादन होता है हम निर्यात करते हैं। इसलिए इसमें बदलाव जरूरी है। अब अनाज, तिलहन, प्याज, आलू आदि को इससे मुक्त किया जाएगा। एक केंद्रीय कानून आएगा जिससे किसान अपने उत्पाद को आकर्षक मूल्य पर दूसरे राज्यों में भी बेच सकें। अभी अंतर—राज्य व्यापार पर रोक है। अभी वह सिर्फ लाइसेंसी को ही बेच सकता है। अगर वह किसी को भी बेच सके तो उसे मनचाही कीमत मिलेगी। हम उसे ऐसी सुविधा देंगे।

किसान को बुवाई से पहले ही हर सीजन से पहले एक एश्योर्ड प्राइस रिटर्न की सुविधा मिले। फूड प्रोसेसर्स, एग्रीगेटर्स आदि से इसके लिए एक एश्योरेंस व्यवस्था का कानूनी ढांचा लाया जाएगा।

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