Expand

ये हैं स्वच्छता प्रेमी प्रधानाचार्य सीता राम बंसल

ये हैं स्वच्छता प्रेमी प्रधानाचार्य सीता राम बंसल

- Advertisement -

जिस स्कूल में जाते हैं, वहां की तस्वीर बदल देते हैं

मंडी। शिक्षक का दायित्व सिर्फ किताबी ज्ञान देना ही नहीं होता, बल्कि शिक्षक देश के उस भावी समाज का निर्माण करता है जो देश का भविष्य होता है। इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ समाजिक सरोकारों के बारे में भी पूरी जानकारी दी जाये। कुछ इसी राह पर चले हुए हैं मंडी जिला के डैहर स्कूल के प्रधानाचार्य सीता राम बंसल। यह सच है कि किताबें हमें ज्ञान देती हैं लेकिन नैतिक मूल्यों और सामाजिक सरोकार की भावना एक शिक्षक की सोच से ही देश की भावी पीढ़ी तक पहुंचाई जा सकती है। इसी सोच को बच्चों तक पहुंचाने में लगे हुए हैं सीनियर सेकेंडरी स्कूल डैहर के प्रधानाचार्य सीता राम बंसल।

mandi2वर्ष 1986 से शिक्षा के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे सीता राम बंसल मानते हैं कि बच्चों में नैतिक मूल्य और सामाजिक सरोकारों की भावना भी कायम रहनी चाहिए। यही कारण है कि वह जिस भी स्कूल में जाते हैं वहां के बच्चों में इस भावना को जागृत करने में कोई कसर नहीं छोड़ते।  देश भर में केंद्र सरकार ने स्वच्छता अभियान चला रखा है और यह अभियान वर्ष 2014 से शुरू हुआ है लेकिन सीता राम बंसल ने स्कूली बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का अभियान वर्ष 2005 से छेड़ रखा है। सीता राम बंसल बताते हैं कि वर्ष 2005 में जब वह जनजातीय जिला किन्नौर के अति दुर्गम गांव किब्बा में अपनी सेवाएं देने गए तो बच्चों की शारीरिक स्वच्छता को लेकर बड़े गंभीर हुए। उन्होंने अभिभावकों के साथ इसपर चर्चा की और बच्चों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया। फिर क्या था बच्चों ने रोजाना स्वच्छता को अपनी दिनचर्या बना दिया। यहां पर सफलता मिलने के बाद सीता राम बंसल ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज तक स्कूली बच्चों में स्वच्छता के प्रति जागरुकता फैलाने का यह सिलसिला लगातार जारी है। सीता राम बंसल डैहर स्कूल को स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर जिला प्रशासन की तरफ से पुरस्कार भी दिलवा चुके हैं। साथ ही यहां के बच्चों ने अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए रैडक्रास सोसायटी के लिए उत्कृष्ट कार्य किया जिसके चलते भी स्कूल को पुरस्कार मिल चुका है।

mandi3आज स्कूल परिसर में चारों ओर स्वच्छता का माहौल नजर आता है और स्कूल के स्वयंसेवी भी इसमें पूरा योगदान देते हैं। स्कूल में छात्र और छात्राओं के लिए अलग से शौचालय, हाथ साबुन से धोने और पीने के स्वच्छ तथा ठंडे पानी का प्रावधान है। शौचालयों की सफाई के लिए अलग से कर्मचारी नियुक्त किये गये हैं और इनमें ऐसी व्यवस्था की गई है कि एक बार फ्लशिंग करने पर कम पानी में पूरे शौचालय की सफाई हो जाती है। स्कूल में कहीं कूड़ा न फैले इसके लिए पूरे परिसर में डस्टबीन रखे गये हैं। स्कूल का यह अभियान सिर्फ स्कूल तक ही सीमित न रहे इसके लिए प्रधानाचार्य बच्चों को आसपास के इलाकों के सफाई अभियान में भी शामिल करते हैं साथ ही खुद भी स्वच्छता के कार्यों में अपना योगदान देकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित बनाते हैं। यही कारण है कि स्थानीय लोग प्रधानाचार्य की इस मुहीम के मुरीद हो चुके हैं। सीता राम बंसल समय-समय पर बच्चों को पढ़ाकर उनका मार्गदर्शन भी करते हैं। बच्चों को सही करियर चुनने के लिए स्वयं उनका मार्गदर्शन करते हैं। सीता राम बंसल जैसे शिक्षकों की बदौलत ही आज समाज एक नई दिशा की तरफ बढ़़ पा रहा है।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Google+ Join us on Google+ Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

RELATED NEWS

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

राशिफल

Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है