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हिमाचल में 4000 प्रायवेट बसों के थमे पहिए, लोग हुए परेशान

हिमाचल में 4000 प्रायवेट बसों के थमे पहिए, लोग हुए परेशान

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हिमाचल अभी अभी/टीम। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर की अपील के बावजूद निजी बस ऑपरेटर्स हड़ताल पर चले गए हैं। सोमवार सुबह से ही प्रदेशभर में 4000 प्रायवेट बसों के पहिए थम गए।किराए में बढ़ोत्तरी समेत अन्य मांगों को लेकर की गई इस अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण परिवहन व्यवस्था के बुरी तरह चरमरा गई है। प्रदेश भर में प्रायवेट बसों के न चलने के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है।  स्कूल व ऑफिस जाने वालों परेशानी जरूरी हुई, लेकिन अधिकतर क्षेत्रों में लोगों को पूर्व में सूचना होने के चलते लोगों ने कुछ न कुछ इंतजाम किए हुए थे। लोग छोटी गाड़ियों में अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं।

हड़ताल के चलते शिमला से किन्नौर, चौपाल, रोहड़ू व रामपुर की ओर जाने वाले लोगों को काफी दिक्कत आ रही है, हालांकि उस रूट पर एचआरटीसी की बसें चल रही हैं लेकिन अधिकांश एरिया में प्रायवेट बसें ही चलती हैं।

वहीं, हड़ताल की वजह से सोलन में सुबह से जाम लगना शुरू हो गया है। उधर, ऊना जिला में करीब सवा 300 निजी बसों के पहिए थमे जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रायवेट बस यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष राजेश कुमार पराशर के नेतृत्व में बस स्टैंड पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष व्यक्त किया। राजेश पराशर का कहना है कि डीजल के बढ़ते दामों के चलते अनिश्चिकाल के लिए हड़ताल शुरू की गई है। वर्ष 2013 में जब डीजल 46 रुपए लीटर था तो 30 प्रतिशत किराए में बढ़ोतरी हुई थी। लेकिन आज जब डीजल 76 रुपए पहुंच गया है, लेकिन अभी तक किराए में बढ़ोतरी नही हुई है। हमारी सरकार से मांग है कि 50 रुपए से ज्यादा रेट पर हमें डीजल पर सब्सिडी दी जाए ताकि हम किराए कि इन्हीं दरों पर जनता को बस सुविधा प्रदान कर सके। पराशर ने कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही निजी बस ऑपरेटरों की मांगों को ना माना तो निजी बस ऑपरेटर चक्का जाम और आमरण अनशन करने से ही पीछे नहीं हटेंगे।

हमीरपुर में एचआरटीसी के द्वारा नजदीकी क्षेत्रों से लोकल बस सुविधा चलाने के कारण प्रायवेट बस हड़ताल का असर ज्यादा देखने को नहीं मिला। हमीरपुर बस अड्डे में केवल एचआरटीसी की ही बसें खड़ी रहीं, वहीं कॉलेज के छात्रों के लिए स्पेशल बस सेवा भी लगाई गई है। लोगों का कहना है कि वे पूर्व सूचना के चलते सुबह एक घंटे पहले ही घर से निकल आए थे लेकिन बस सेवा कम होने से परेशानी जरूर हो रही है।

सिरमौर में 160 रूटों पर निजी बस सेवाएं बन्द

नाहन से मिली खबर के मुताबिक सिरमौर में 160 रूटों पर बस सेवाएं प्रभावित हो गई है। सिरमौर में कुल 121 प्राइवेट बसें विभिन्न रूटों पर अपनी सेवाएं देती आ रही थी।रूटों से निजी बसें हटाने के कारण यात्रियों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। शहरी क्षेत्रों से ज्यादा परेशानी ग्रामीण क्षेत्र के रूटों पर लोग उठा रहे हैं। निजी बस सेवाएं न मिलने से किसान बागवान अपनी नगदी फसलों को बाजार तक नही पहुंचा पाए। सुबह के समय अपने गंतव्य तक जाने वाले यात्री और कामकाजी लोग बसों की इंतजार में खड़े रहे। स्कूली बच्चे भी समय पर स्कूल नहीं पहुंचे।

 उधर, एचआरटीसी ने सिरमौर में अभी 12 अतिरिक्त बसों की सेवाएं शुरू कर दी है। निजी बसों की हड़ताल के चलते एचआरटीसी में सेवाएं दे रहे चालकों और परिचालकों की छुट्टियां भी रद्द कर दी हैं। एचआरटीसी के आरएम रशीद शेख ने बताया कि निजी बस संचालकों की हड़ताल के चलते निगम ने अतिरिक्त बसों की सेवाएं शुरू कर दी है। वहीं, सिरमौर निजी बस आपरेटर यूनियन के अध्यक्ष मामराज शर्मा ने बताया कि बस किराये में बढ़ोतरी को लेकर संघ सरकार से कई बार मिल चुका है लेकिन आश्वासनों के सिवाय अभी कुछ हाथ नहीं लगा है। यात्रियों को आने वाली परेशानियों के लिए सरकार ही जिम्मेदार है।

लिफ्ट मांगकर अपने गंतव्यों तक पहुंचने का प्रयास

मंडी में सुबह से ही हड़ताल के कारण आम लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल के कारण सरकारी बसों पर अत्याधिक दबाव पड़ा है। सभी सरकारी बसें सवारियों से खचाखच भरी हुई हैं और रास्ते में खड़ी सवारियों को ले जाने के लिए बसों में कोई जगह शेष नहीं। ऐसे में जो लोग रास्ते में बसों का इंतजार कर रहे हैं उन्हें दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। लोग जैसे तैसे निजी वाहनों से लिफ्ट मांगकर अपने गंतव्यों तक पहुंचने का प्रयास करते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि राज्य सरकार ने दावा किया था कि लोगों को कोई असुविधा नहीं होगी लेकिन पुख्ता बंदोबस्त नजर नहीं आ रहे हैं। इस हड़ताल के कारण कर्मचारी वर्ग काफी परेशान नजर आ रहा है। यात्रियों ने बताया कि उन्हें कई घंटों तक बस का इंतजार करना पड़ रहा है और जब बस आ रही है तो उसमें पांव रखने के लिए भी जगह नहीं है।

जिला कुल्लू में डेढ़ सौ निजी बसों के पहिए थमे रहे। इस दौरान निजी बस ऑपरेटरों ने प्रदर्शन भी किया और सरकार के
खिलाफ नारेबाजी भी की।

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