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Govt के लिए आफत बनी Sewing-Washing Machines

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Protest: भवन एवं संनिर्माण कामगार संघ ने लगाया बंदरबांट का आरोप

Protest: धर्मशाला। प्रदेश सरकार द्वारा बांटी जा रही सिलाई और वाशिंग मशीनें अब खुद सरकार के लिए ही आफत बनती जा रही है। धर्मशाला में शुक्रवार को लोग सरकार के विरोध में उतर आए। बहरहाल, मजदूरों के नाम पर दी जाने वाली सिलाई और वाशिंग मशीन अब प्रदेश सरकार के ही गले की फांस बनती जा रही हैं। भवन एवं संनिर्माण कामगार संघ हिमाचल प्रदेश ने इन मशीनों के नाम पर बंदरबांट का आरोप लगाया है।

धर्मशाला में रैली निकाल जताया विरोध

हिंद मजदूर सभा हिमाचल प्रदेश इकाई के बैनर तले भवन एवं अन्य संनिर्माण कामगार संघ के सदस्यों ने शुक्रवार को धर्मशाला में एक रोष रैली निकाली और अपनी लंबित मांगों को लेकर डीसी कांगड़ा को एक ज्ञापन सौंपा। हिंद मजदूर सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मेला राम चंदेल ने बताया किप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कामगार कल्याण बोर्ड ने भवन निर्माण श्रमिक कानून की मूल भावना ही खत्म कर दी है। उनका आरोप है कि एक आम आदमी भी निर्माण की परिभाषा और निर्माण श्रमिक कौन हैं समझ सकता है, लेकिन प्रदेश का श्रम विभाग गहरी नींद में सोया है। उन्होंने कहा कि कानून सारे देश के लिए एक बना है, लेकिन प्रदेश में इसकी परिभाषा ही बदल दी गई है।


परेशान कर रही प्रदेश सरकारः मेलाराम

मेलाराम का कहना है कि यह कानून श्रमिकों के कल्याण के लिए बना है, लेकिन प्रदेश सरकार इन श्रमिकों को परेशान कर रही है। पंजाब में लाखों श्रमिक पंजीकृत हैं और पहली के बच्चे को 2800 रुपए वजीफा मिलता है। प्राकृतिक मौत होने पर तीन लाख रुपए का मुआवजा भी दिया जाता है, लेकिन हिमाचल प्रदेश का निर्माण श्रमिक हतोत्साहित है और उनके जीवन की सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक सुरक्षा समाप्त कर दी गई है। अब हालत यह है कि श्रम निरीक्षक के तसदीक किए गए श्रमिक भी पंजीकृत नहीं हो रहे हैं। लेबर फंड का करोड़ों रुपए बर्बाद किया जा रहा है। इस लेबर फंड से एक करोड़ रुपए सीएम राहत कोष में दिया गया है, वहीं नौ करोड़ रुपए से कथित लेबर हॉस्टल बना डाले। प्रदेश के इतिहास में लेबर के इस फंड का इतना दुरुपयोग कभी नहीं हुआ था बावजूद इसके सरकार ने छात्रवृत्ति पेंशन मकान चिकित्सा प्रसूति आदि छोटे-छोटे लाभों से भी मजदूर को वंचित कर दिया है। मेलाराम चंदेल ने आरोप लगाया कि सीएम राहत कोष में लेबर का ध्यान देना लेबल हॉस्टल बनाना करोड़ों रुपए की गाड़ियां खरीदना कौन से कानून में लिखा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला कामगारों को वाशिंग मशीन और सिलाई मशीन देने में भी भेदभाव किया जा रहा है। 500 महिला कामगारों के आवेदन लंबित है और उन्हें अभी तक मशीनें नहीं दी गई और न ही उनके क्लेम पास किए गए हैं मेलाराम चंदेल ने कहा कि हिंद मजदूर संघ के सदस्य घर-घर जाकर सरकार के इस गरीब विरोधी कार्य को बताएंगे, जिससे सरकार और कल्याण बोर्ड की नींद खुल सके।

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