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हल्ला बोलः महिलाओं से कंडक्टरी करवाने का विरोध

हल्ला बोलः महिलाओं से कंडक्टरी करवाने का विरोध

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Protest against women conducting : ऊना। हिमाचल परिवहन मजदूर संघ ने एचआरटीसी बसों में महिलाओं की बतौर परिचालक सेवाओं की निंदा की है। संघ का मानना है कि महिला कर्मचारियों से बतौर परिचालक काम करवाकर उनका शोषण किया जा रहा है। परिचालक का काम कर रही इन महिलाओं ने कंडक्टरी काम करने से साफ तौर पर इंकार कर दिया है। दो महिला कंडक्टरों ने मामले को लेकर अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है। महिला परिचालकों को यह काम रास नही आ रहा है। विभाग ने इन महिला कर्मचारियों को बतौर परिचालक सेवाएं देने के निर्देश जारी किए हैं।

  • हिमाचल परिवहन मजदूर संघ ने नियुक्ति पर उठाए सवाल

संघ के प्रदेश सचिव हकीकत राय व अन्यों ने कहा कि प्रदेश में महिला कर्मचारियों को जबरन परिचालक पद पर तैनात किया जा रहा है। बतौर महिला परिचालक सेवाएं देने वालों में हरमेश बाला गांव नेहला बिलासपुर, रीना कुमारी पालकवाह हरोली जिला ऊना , मीना कुमारी दियाड़ा जिला ऊना, संगीता देवी बडैहर जिला ऊना, ज्योति निवासी कुंगड़त हरोली जिला ऊना, सविता देवी निवासी कोटला कलां जिला ऊना शामिल हैं। इनमें से संगीता व रीना ने बतौर परिचालक सेवाएं देने से इंकार करते हुए अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है, जबकि अन्य परिचालक सरकारी बसों में सेवाएं दे रही हैं।


सभी डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधकों ने इन आदेशों की आड़ में जो महिलाएं पिछले कई वर्षों से कार्यालय में काम कर रही थी उनको बसों पर परिचालक के तौर पर तैनात कर दिया है, जबकि अपने चहेते पुरूष कर्मचारियों को द तरों में तैनात किया है। यह सभी महिलाएं किथ एंड किन पॉलिसी के तहत नियुक्त की गई थी। हकीकत राय ने कहा कि इन महिला कर्मचारियों में एक महिला का बच्चा चार वर्ष का है और सास-ससुर वृद्ध हैं, जबकि पति की मृत्यु हो चुकी है। इसी मजबूरी का फायदा उठाते हुए अधिकारी इनका शोषण कर रहे हैं।

संघ में उचित कार्रवाई को उठाई आवा

हिमाचल मजदूर संघ की मांग की है कि शीघ्र मामले को लेकर शीघ्र उचित कार्रवाई अमल में लाई जाए। महिला परिचालकों की माने तो बतौर महिला परिचालक काम करते हुए उनको भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बसों व बस स्टैंड में उनको टिका टिप्पणी का भी शिकार होना पड़ रहा है। बसों में टिकट काटते वक्त उनको परेशानियां पेश आ रही हैं। बसों में टिकट काटते समय हादसा होने का भी अंदेशा बना रहता है।  उधर, आरएम ऊना विवेक लखनपाल ने बताया कि महिला कर्मचारियों को नियमों के तहत परिचालक सेवाएं देने के लिए निर्देश दिए गए हैं। उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए उनसे सिर्फ दिन में ही काम लिया जा रहा है। इनकी नियुक्ति टीएमपी के तहत की गई है।

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