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Punjab ने केंद्र को वापस की 45 MT दाल, कहा- फफूंद और कबूतरों की बीट लगी थी
चंडीगढ़। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्ना योजना (PMGKAY) के तहत खाद्यान्न वितरण के मुद्दे पर पंजाब (Punjab) और केंद्र के बीच टकराव के बाद, राज्य सरकार ने केंद्र को कम से कम 45 मीट्रिक टन (MT) दाल (काला मसूर) लौटा दिया है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने खाद्य विभाग के उन अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं जिन्होंने ‘बिना गुणवत्ता देखे’ डिलीवरी ले ली थी। पंजाब के खाद्य व आपूर्ति विभाग की डायरेक्टर अनंदिता मित्रा ने कहा, ‘दाल में फफूंद, कबूतरों की बीट लगी थी और बदबू आ रही थी।’ लाभार्थियों को दाल वितरित की गई, जिन्होंने कड़ी आपत्ति जताई।
केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने किया था ये बड़ा दावा
राज्य सरकार को तब इसे पंजाब के मोहाली जिले में लाभार्थियों को बांटे जाने के दौरान वापस बुलाना पड़ा, जिसके बाद इसका परीक्षण कर ख़राब गुणवत्ता होने के कारण इसे केंद्र को वापस लौटा दिया गया। कुछ दिनों पहले केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को ट्वीट कर कहा था कि पंजाब ने PMGKAY योजना के तहत राज्य को भेजे जाने वाले खाद्यान्न का केवल 1 प्रतिशत वितरण किया है। इसके लिए सीएम और राज्य के खाद्य मंत्री भारत भूषण आशु ने यह कहकर जवाब दिया था कि केंद्र को दाल भेजने में एक महीने से अधिक समय समय लग गया है।
लाभार्थियों को दी गई दाल को भी वापस बुलाकर केंद्र को भेजा
पंजाब की खाद्य निदेशक अनंदिता मित्रा ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हमें उपायुक्त, मोहाली, गिरीश ड्यालन से शिकायत मिली कि दाल मानव उपभोग के लिए उपयुक्त नहीं थी। हमने इसकी जांच की और पता चला कि ‘दाल में फफूंद, कबूतरों की बीट लगी थी और बदबू आ रही थी। इसके बाद हमने सभी लाभार्थियों को दी गई दाल को वापस बुला लिया और अब इसे केंद्र को लौटा दिया है।
