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बिना रोस्टर के आउटसोर्स से हो रही भर्तियों पर उठे सवाल 

हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति/ जनजाति सरकारी कर्मचारी कल्याण संघ ने जताया विरोध 

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गोहर। हिमाचल प्रदेश के निगमों और बोर्ड में आउटसोर्स से हो रही भर्तियों में रोस्टर पर अमल नहीं किए जाने पर सवाल उठने लगे हैं। हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति/ जनजाति सरकारी कर्मचारी कल्याण संघ ने इसे नौकरियों में आरक्षण की संवैधानिक व्यवस्था का हनन बताया है। 
संघ के जिलाध्यक्ष दर्शन लाल ने एक बयान में कहा कि अगर सभी भर्तियां रोस्टर को दरकिनार करके की जाती रहीं तो आरक्षण की व्यवस्था महज कागजों में रह जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने आउटसोर्स के लिए नीति नहीं बनाने का एलान किया है। साथ ही किसी तरह का आरक्षण नहीं देने की बात भी कही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पूर्व में की गई हजारों भर्तियों के बाद अब एचआरटीसी में भी आउटसोर्स से भर्तियां की जा रही हैं। इसमें भी किसी तरह की रोस्टर की व्यवस्था अमल में नहीं लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोस्टर को दरकिनार कर आरक्षण की संवैधानिक व्यवस्था को समाप्त करने के लिए की जा रही भर्तियों का खुलकर विरोध किया जाएगा। 

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