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एचपीयू रैगिंग मामला : शिकायतकर्ता छात्र पीछे खींच रहा कदम

एचपीयू रैगिंग मामला : शिकायतकर्ता छात्र पीछे खींच रहा कदम

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य़शपाल शर्मा/शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के रैगिंग मामले में खोदा पहाड़ निकली चुहिया वाली स्थिति बनती नजर आ रही है। रैगिंग का आरोप लगाने वाला छात्र अब कदम पीछे खींचने लगा है। शनिवार को रैगिंग के आरोपों की जांच के लिए एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक फिर बुलाई गई थी, लेकिन शिकायतकर्ता छात्र ही उपस्थित नहीं हुआ। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि आरोपों में दम नहीं है। इसलिए आरोपी कमेटी के सवालों का सामना करने से बच रहा है। शनिवार को हुई बैठक इसलिए बेनतीजा रही और कोई रिपोर्ट फाइनल नहीं हो पाई। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। एसएफआई ने पहले ही आरोप लगाए थे कि मामला छेड़छाड़ का है और शिकायतकर्ता इसमें संलिप्त है। इससे बचने के लिए रैगिंग का आरोप लगाया गया है। बता दें कि वीरवार को लॉ प्रथम वर्ष के छात्र योगिंदर ने पांचवें समेस्टर के छात्र नंदलाल पर रैगिंग के आरोप लगाए थे। विभाग के टॉयलेट में मारपीट व कपड़े उतारने की बात कही थी। इसके बाद से जांच जारी है।

रैगिंग हुई या नहीं, जांच करेगी तय

यशपाल शर्मा/शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के लॉ विभाग में वीरवार को सामने आए रैगिंग के मामले की जांच में एंटी रैगिंग कमेटी शिद्दत से जुट गई है। ये जानने की कोशिश की जा रही है कि वास्तव में रैगिंग हुई भी या नहीं। जांच समिति इसक़ी तह तक जा रही है कि मामला कहीं कुछ और ही तो नहीं है। शुक्रवार को डीएसडब्ल्यू प्रो महाजन की अध्यक्षता में एंटी रैगिंग कमेटी ने दोनों पक्षों को विस्तार से सुना। आरोपों की भी तह तक जांच की जा रही है। जांच के दौरान लॉ विभाग के अध्यक्ष प्रो कमलजीत भी मौजूद रहे। रैगिंग का आरोप लगाने वाले लॉ प्रथम समेस्टर के छात्र योगिंदर मीडिया के सामने नहीं आ रहे हैं। शुक्रवार को भी उन्होंने फोन नहीं उठाया।

ragging-1वीसी प्रो एडीएन वाजपेयी का कहना है कि आरोपी छात्रों को कंडक्ट प्रोबेशन पर रखा गया है। तीन-चार दिन में जांच पूरी हो जाएगी। उसके बाद आगामी निर्णय लेंगे। अभी ये जांच का विषय है कि रैगिंग हुई भी या नहीं। बता दें कि वीरवार को लॉ प्रथम समेस्टर के छात्र योगिन्दर ने पांचवें समेस्टर के नंदलाल पर रैगिंग का आरोप लगाया था। एसएफआई नेता नोबेल ठाकुर का कहना है कि आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। एसएफआई के बढ़ते जनाधार की देखकर प्रतिद्वंदी संगठन साजिश रच रहे हैं। नंद लाल को जल्द क्लीन चिट मिलेगी।

एचपीयू में रैगिंग, वीसी ने बिठाई जांच

शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शर्मशार कर देने वाली हरकत सामने आई है। मामला लॉ विभाग का है और वीरवार को कैंपस में मौजूद विभाग में सीनियर ने अपने जूनियर की रैगिंग की। न केवल नाम, पता और अन्य प्रताड़ित करने वाले सवाल पूछे गए, बल्कि टॉयलेट में पिटाई कर कपड़े भी उतार दिए। घटना सुबह दस बजे की है, लेकिन विभाग के चेयरमैन, डीन स्टूडेंट वेलफेयर और वीसी को शाम चार बजे लिखित शिकायत हुई। इससे एचपीयू प्रशासन में हड़कंप मच गया। शिकायतकर्ता छात्र ने अपना मोबाइल बंद रखा हुआ है। जबकि, मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है।

ragging-2कांग्रेस के अग्रणी छात्र संगठन एनएसयूआई ने वीसी एडीएन वाजपेयी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लॉ विभाग के चेयरमैन कमलजीत शर्मा ने रैगिंग की शिकायत आने की बात मानी है। वीसी एडीएन वाजपेयी ने बताया कि छात्रों ने रैगिंग की शिकायत सौंपी है। लॉ प्रथम समेस्टर के छात्र योगिन्दर ने पांचवें समेस्टर के नंदलाल पर रैगिंग का आरोप लगाया है। योगिन्दर का आरोप है कि नंदलाल उसे विभाग के टॉयलेट में ले गया और पिटाई करने के बाद कपड़े उतारे। शिकायत आने के बाद एंटी रैगिंग एक्ट 2009 के मुताबिक़ जांच बिठा दी गई है। जांच रिपोर्ट में आरोप सही साबित होते हैं तो आरोपी छात्र को यूनिवर्सिटी से निष्कासित किया जाएगा। कैंपस में इस तरह की घटनाएं बर्दाश्त नहीं करेंगे।

hpu-224 घंटे में हो रैगिंग की एफआईआर
हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के सामने नई मुसीबत आ खड़ी हुई है। रैगिंग के ताज़ा प्रकरण के बाद कैंपस में माहौल तनावपूर्ण होने के आसार हैं। बड़ी मुश्किल से कैंपस के वातावरण को शांतिपूर्ण किया गया था। रैगिंग से छात्र संगठनों में हिंसा भड़क सकती है, चूंकि विवाद एसएफआई और एनएसयूआई के छात्र कार्यकर्ताओं से जुड़ा हुआ है। एंटी रैगिंग एक्ट 2009 के अनुसार आरोप गंभीर होने पर 24 घंटे के भीतर एफआईआर करवाना जरूरी है। इसलिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शुक्रवार को दोनों पक्षों को बुलाया हुआ है। शिकायत चार बजे आई है, इसलिए शुक्रवार 4 बजे तक एफआईआर दर्ज हो सकती है।वीरवार शाम को ही यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सारे एक्ट को खंगाल लिया है। छात्र की शिकायत में छात्र संगठन का नाम भी लिखा गया है। इसलिए पूरे मामले को राजनीति की दृष्टि से भी अध्ययन किया जा रहा है। वहीं, छात्र संगठन इस मामले को कोई और ही रंग देने में लगे हैं। इसे छात्रा से छेड़छाड़ का रूप देने की तैयारी है। जबकि एनएसयूआई ने भी मजबूत किलेबंदी कर विरोधी संगठन को मात देने के लिए पुख्ता तथ्य दिए हैं।

शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शुक्रवार का दिन गहमागहमी भरा रहने वाला है। एक ओर जहां कार्यकारी परिषद की असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती के लिफ़ाफ़े खोलने को लेकर अहम बैठक होगी, वहीं वीरवार को सामने आए रैगिंग के केस में भी पूछताछ का दौर चलेगा। रैगिंग के मामले से एचपीयू प्रशासन के होश उड़े हुए हैं। पीड़ित छात्र योगिन्दर की शिकायत पर एंटी रैगिंग कमेटी आज जांच करेगी। मामला संवेदनशील होने पर एंटी रैगिंग एक्ट 2009 के तहत 24 घंटे के भीतर कार्रवाई जरूरी है। अमन काचरू रैगिंग केस के बाद एक्ट को काफी कड़ा कर दिया गया है। इसलिए कमेटी दोनों पक्षों को सुनकर सच का पता लगाएगी कि वास्तव में ही रैगिंग हुई है या फिर मामला राजनीति से प्रेरित है। वीसी एडीएन वाजपेयी पहले ही सख्त कार्रवाई के संकेत दे चुके हैं। चूंकि आरोप सही साबित होने पर आरोपी नंदलाल का यूनिवर्सिटी से बाहर होना तय है। प्रशासन इसलिए भी जल्द मामले की तह तक जाना चाहता है, क्योंकि रैगिंग के मामले से यूनिवर्सिटी की छवि खराब होती है। साथ ही शैक्षणिक वातावरण पर भी विपरीत असर पड़ता है।

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