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हिमाचल में बढ़े माननीयों के वेतन-भत्ते, विधायकों ने मुख्य सचिव के बराबर मांगा वेतन

हिमाचल में बढ़े माननीयों के वेतन-भत्ते, विधायकों ने मुख्य सचिव के बराबर मांगा वेतन

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शिमला।   हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने अपने माननीयों के वेतन भत्तों में वृद्धि कर दी है। इस संबंध में विधानसभा ने आज तीन विधेयक पारित किये। इन विधेयकों में विधायकों, विधानसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, मंत्रियों और पूर्व विधायकों के यात्रा भत्ते में बढ़ोतरी की गई है। इन तीनों विधेयकों में यात्रा भत्ता मौजूदा 2.50 लाख रुपए वार्षिक से बढ़ाकर 4 लाख रुपए करने का प्रस्ताव किया गया है। वहीं, पूर्व विधायकों के यात्रा भत्ते को मौजूदा 1.25 लाख रुपए वार्षिक से बढ़ाकर दो लाख रुपए किए जाने का प्रस्ताव किया है। इन प्रस्तावित बढ़ोतरी से प्रदेश सरकार के राजकोष पर 2.20 करोड़ रूपए वार्षिक का अतिरिक्त भार पड़ेगा। विधेयकों पर हुई चर्चा के दौरान विधायकों ने कहा कि जब उनका स्टेटस मुख्य सचिव से ऊपर है तो उन्हें वेतन कम क्यों दिया जा रहा है। इसलिए उन्हें मुख्य सचिव को मिलने वाले वेतन और अन्य भत्तों से एक रुपए ऊपर वेतन मिले। चर्चा के बाद तीनों विधेयकों को सदन ने पास कर दिया।ने अपने माननीयों के वेतन भत्तों में वृद्धि कर दी है। इस संबंध में विधानसभा ने आज तीन विधेयक पारित किये। इन विधेयकों में विधायकों, विधानसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, मंत्रियों और पूर्व विधायकों के यात्रा भत्ते में बढ़ोतरी की गई है। इन तीनों विधेयकों में यात्रा भत्ता मौजूदा 2.50 लाख रुपए वार्षिक से बढ़ाकर 4 लाख रुपए करने का प्रस्ताव किया गया है। वहीं, पूर्व विधायकों के यात्रा भत्ते को मौजूदा 1.25 लाख रुपए वार्षिक से बढ़ाकर दो लाख रुपए किए जाने का प्रस्ताव किया है। इन प्रस्तावित बढ़ोतरी से प्रदेश सरकार के राजकोष पर 2.20 करोड़ रूपए वार्षिक का अतिरिक्त भार पड़ेगा। विधेयकों पर हुई चर्चा के दौरान विधायकों ने कहा कि जब उनका स्टेटस मुख्य सचिव से ऊपर है तो उन्हें वेतन कम क्यों दिया जा रहा है। इसलिए उन्हें मुख्य सचिव को मिलने वाले वेतन और अन्य भत्तों से एक रुपए ऊपर वेतन मिले। चर्चा के बाद तीनों विधेयकों को सदन ने पास कर दिया।

यह भी पढ़ें :-बाढ़ से हुए नुकसान पर नहीं मिली चर्चा की अनुमति, विपक्ष ने किया वॉकआउट

इससे पहले हुई चर्चा में विधायक राकेश सिंघा ने विधायकों, विधानसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, मंत्रियों और पूर्व विधायकों के वेतन भत्तों में बढ़ोतरी का विरोध किया और सभी विधेयक वापिस लेने की मांग की।कांग्रेस के तमाम सदस्यों ने इन विधेयकों का समर्थन किया। कांग्रेस के सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि विधायकों को मिलने वाली सुविधाओं में ईजाफा होना चाहिए और ट्रैवलिंग अलाउंस भी बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे जानते हैं कि कैसे विधायक बना जाता है। कोई अचानक विधायक नहीं बन जाता। उसका पूरा जीवन संघर्ष का होता है और जब वे विधायक नहीं होते हैं तो उनका जीवन कठिन हो जाता है। सुक्खू ने कहा कि वेतन नहीं बढ़ाया गया है और शोर यह मच गया है कि सैलरी बढ़ गई है, जबकि असल में केवल ट्रैवलिंग अलाउंस ही बढ़ाया है और वह भी तब मिलेगा, जब विधायक कहीं जाएंगे। उन्होंने विधायकों को गाड़ी उपलब्ध करवाने की भी मांग की। सुक्खू ने कहा कि माकपा विधायक राकेश सिंघा को वास्तविक्ता से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए। उन्हें वेतन लेना चाहिए। सुक्खू ने कहा कि पूर्व विधायक भी जीवनभर जनता के बीच रहता है और उनके ट्रैवलिंग अलाउंस को बढ़ाना भी सही कदम है और वे इसका समर्थन करते हैं।

हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि जो ट्रैवलिंग अलाउंस दिया जा रहा है और यह एलटीसी है और इसका बिल अदा करने पर ही पैसा मिलेगा। उन्होंने कहा कि विधायक की सैलरी 55 हजार रूपए है और विधायक का स्टेटस मुख्य सचिव से ऊपर है और ऐसे में वेतन और अन्य सुविधाएं भी उसके मुताबिक ही मिलनी भी चाहिए। विधायक राम लाल ठाकुर ने कहा कि विधायकों को जनता में जो संदेश जा रहा है वह सही नहीं जा रहा। उन्होंने कहा कि यह अलाउंस भी तब मिलेगा, जब वे कहीं जाएंगे और जेब से पैसा खर्चेंगे। उन्होंने कहा कि विधायक का वेतन 55 हजार रूपए है। लेकिन स्टेटस मुख्य सचिव से ऊपर है। ऐसे में वेतन भी उनसे ऊपर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार की तर्ज पर यहां पर विधायकों का वेतन कर दिया जाए। इससे सारी भ्रांतियां दूर होगी।

दिल्ली की तर्ज़ पर हो विधायकों के वेतन भत्ते

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि सदस्य की पीड़ा सही है और ठाकुर राम लाल के मत से वे भी सहमत हैं। विधायकों का दो हजार रुपए भी बढ़ाना है तो मामला सदन में आएगा। इसके लिए कोई स्थाई व्यवस्था भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम आदमी का उदय इसी बात पर हुआ कि ये सुविधा नहीं होनी चाहिए और वे सुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सीएम से कहा कि दिल्ली की सारी जानकारी मंगवाई जाए। वहां पर तीन लाख रूपए वेतन है और हर हलकों में आफिस दिया है और स्टाफ भी दिया है। साथ ही दो विधानसभा हलकों पर एक रिसर्च स्कालर भी दिया है। ये विधायक को मदद करते हैं। हाल ही में दिल्ली के स्पीकर ने यह बात कही है।

 

 

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