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HRTC कंडक्टर भर्तीः कोर्ट के आदेशों पर सदर थाना में FIR

HRTC कंडक्टर भर्तीः कोर्ट के आदेशों पर सदर थाना में FIR

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शिमला। एचआरटीसी में 2004 में हुई कंडक्टर भर्ती मामले में पुलिस ने आखिर मामला दर्ज कर ही लिया है। कोर्ट के आदेश के बाद शिमला के सदर पुलिस थाना में इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। पहले पुलिस ने कोर्ट से कहा था कि इस मामले को विजिलेंस को जांच के लिए भेजा जाए, लेकिन कोर्ट ने पुलिस से ही इस मामले में केस दर्ज करने के आदेश दिए थे। जिस वक्त का मामला है, उस वक्त जीएस बाली परिवहन मंत्री थे। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने एचआरटीसी के तत्कालीन एमडी समेत उन पांच अफसरों के खिलाफ मामला दर्ज करने को कहा है जो भर्ती प्रक्रिया से जुड़े थे। इस मामले की पहले विजिलेंस ने दो बार जांच की थी। लेकिन, अब पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस मामले से जुड़े आरोपियों से पूछताछ करेगी। पुलिस इन सभी से पूछताछ का दौर शुरू करेगी।


  • तत्कालीन एमडी समेत पांच अफसरों के खिलाफ मामला दर्ज
  • पुलिस अब इस मामले से जुड़े आरोपियों से पूछताछ करेगी

गौर हो कि 2003-2004 में कंडक्टरों के 300 पद विज्ञापित हुए थे। इन पदों के लिए 20 हजार से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। इसके बाद जब चयन हुआ था तो इस पर विवाद हो गया। आरोप लगा कि चयन चहेतों का हुआ है और ऐसे 378 पदों बताए गए। कहा गया कि मैरिट को पूरी तरह से नजरअंदाज कर चयन हुआ है। लिखित परीक्षा में अव्वल आने वालों को इंटरव्यू में बाहर कर दिया गया। बताते हैं कि विजीलेंस रिपोर्ट में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है।  पूर्व बीजेपी सरकार के वक्त इसकी जांच हुई थी, लेकिन मामला दर्ज नहीं हुआ था। बाद में इस मामले को बिलासपुर के जयकुमार कोर्ट ले गए और वह्ं से इस मामले में अब पुलिस को एफआईआर दर्ज करने को कहा है।  इस मामले में एचआरटीसी के तत्कालीन एमडी दलजीत डोगरा समेत कई अफसरों के खिलाफ मामला दर्ज करने को कहा गया। पुलिस ने क्षेत्राधिकार का हवाला देकर इसकी जांच विजीलेंस से करवाने को कहा था।

पुलिस का तर्क था कि पीसी एक्ट के तहत डीएसपी से कम रैंक का अफसर जांच नहीं कर सकता है। विजीलेंस में थाना प्रभारी डीएसपी रैंक का अफसर होता है, जबकि पुलिस के थाने में यह कार्य इंसपेक्टर या सब इंस्पेक्टर करते हैं।  उधर, एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी ने कहा कि अदालत के आदेश पर थाना सदर में एचआरटीसी  के कुछ ऑफिशियल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। उनका कहना था कि इस मामले की जल्द ही जांच शुरू हो जाएगी। पुलिस ने प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

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