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पैसा और महंगे तोहफे नहीं हर पत्नी अपने पति में चाहती है ये 4 खूबियां

पैसा और महंगे तोहफे नहीं हर पत्नी अपने पति में चाहती है ये 4 खूबियां

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पति-पत्नी का रिश्ता बेहद खास और बाकी रिश्तों से कुछ अलग होता है। दो अलग-अलग नेचर के लोग साथ मिलकर ये रिश्ता (Relation) निभाते हैं। हालांकि दो लोगों के विचार कभी आपस में नहीं मिल सकते लेकिन कुछ बुनियादी चीजें ऐसी होती हैं, जिन्हें मैरिड लाइफ (Married life) का आधार माना जाता है। इसी तरह कुछ खूबियां होती हैं जो हर पत्नी अपने जीवनसाथी में चाहती है। आज हम ऐसी ही चार खूबियों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं जो हर लड़की चाहती है कि उसके पार्टनर में हों ….

 

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रिस्पेक्ट करने वाला

आपको क्या लगता है कि रिश्ते में सबसे अहम क्या होता है? आप कहेंगे प्यार, लेकिन सच तो ये है कि किसी भी रिलेशनशिप में सबसे अहम रिस्पेक्ट यानी सम्मान का भाव होता है। जब पति-पत्नी के बीच चॉइस, पसंद-नापसंद, नेचर, भावनाओं आदि को लेकर सम्मान होता है, तो वह किसी भी हाल में कभी भी एक-दूसरे को हर्ट नहीं कर सकेंगे। यह प्यार की नींव को इतना मजबूत बनाता है कि कोई तीसरा व्यक्ति भी उनके बीच गलतफहमी पैदा नहीं कर पाता।

केयरिंग पार्टनर

लंच पर ले जाना, बाहर घुमाने ले जाना, ट्रिप पर जाना, महंगे गहने लाकर देना… ये सब केयरिंग की कैटगरी में नहीं आते हैं। बल्कि पत्नी का किचन में हाथ बटाना, घर की सफाई में मदद करना, वह बीमार हो तो उसकी देखभाल करना, प्रेग्नेंसी में उसे इमोशनल और मेंटल सपोर्ट देना, उसकी लाइफ में भी बराबर रुचि दिखाना और उसे नुकसान की चीजों से बचाना। ये चीजें हैं, जो असल में केयरिंग की लिस्ट में आती हैं।

 

 

 

सपोर्टिव हो

यहां सपोर्ट करने का अर्थ फाइनेंस से नहीं है, बल्कि छोटी-छोटी चीजों से है। उदाहरण के लिए पत्नी चाहे काम करना चाहे या हाउस वाइफ बनकर रहना चाहे, वह चाहे फैमिली बढ़ाने से पहले अपना करियर स्टैबलिश करना चाहे या फिर दो-तीन साल सिर्फ मैरिड लाइफ इंजॉय करना चाहे, इस सभी में वह अपने पति का सपोर्ट पाने की उम्मीद करती है, साथ ही इमोशनल सपोर्ट उसके लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है। अगर वह किसी स्ट्रेस या दुख से गुजर रही है, उस समय अगर पति उसे भावनात्मक रूप से सपोर्ट करे, तो उसके लिए इस स्थिति से उबरना आसान हो जाता है।

पेरेंट्स की केयर करने वाला

यहां पेरेंट्स से मतलब सिर्फ लड़के के अपने माता-पिता नहीं, बल्कि लड़की के मां-बाप भी हैं। लड़की विदा होकर ससुराल आती है, लेकिन इसका मतलब यह तो नहीं कि जिन्होंने उसे जन्म दिया और बड़ा किया, वह उनकी केयर करना या उन्हें सपोर्ट करना छोड़ दे। जिस तरह लड़का उम्मीद करता है कि पत्नी उसके माता-पिता की बेटी की तरह केयर करे, उसी तरह लड़की के मन में भी पति से अपने पैरंट्स को लेकर यही उम्मीद होती है।

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