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रिवालसर झील में मरी हजारों मछलियां

रिवालसर झील में मरी हजारों मछलियां

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Rewalsar Lake: मंडी। दो दिन पहले पानी ने रंग बदला और रात को हजारों मछलियां मरी पाईं गई। ये सब हुआ है पवित्र झील रिवालसर में। यहां पर रात को अचानक हजारों की संख्या में मछलियां मरीं पाई गईं। जाहिर है कि कुछ दिन पहले झील के पानी ने अपना रंग अचानक बदल लिया था, जिसका कारण प्रदूषण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि हाल यह था कि झील से मछलियां खुद बाहर आने की कोशिश कर रही थीं। इतिहास में यह पहला घटनाक्रम है कि झील में प्रदूषण इतना बढ़ गया कि झील के अंदर का जीवन ही समाप्त हो गया। लोगों ने अपने सामने मछलियों को तड़पते हुए देखा।

Rewalsar Lake: सेफ्टी टैंक रिसाव व गाद के कारण हुआ यह हाल

झील किनारे बने कुछ मकानों के सेफ्टी टैंक से हो रहे रिसाव और बाहरी गाद सहित गंदे पानी के आने से झील की आज यह हालत हुई है। झील में बहुत ज्यादा गाद आ जाने के कारण झील के अंदर बने पानी के प्राकृतिक स्त्रोत बंद हो गए हैं। आज झील की गहराई सिर्फ 15 फीट रह गई है। जिससे पानी का रिसाव नहीं हो पा रहा है और गाद का रूप लेता जा रहा है।


ऑक्सीजन की कमी के चलते मछलियों के मरने की आशंका

पानी में ऑक्सीजन की कमी हो जाने के कारण मछलियों के मरने की आशंका भी जताई जा रही है। रिवालसर में सीवरेज व्यवस्था को बनाने में प्रशासन की ओर से जितनी देरी होगी उतना ही ज्यादा इस झील का नुकसान होगा। झील को बचाने का एक मात्र उपाय अब डिसिल्टिंग करना ही बचा है। वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने झील के बदले हुए रंग को किसी अनहोनी की ओर इशारा बताया है।

मौके पर पहुंचा प्रशासन

झील के पानी के रंग बदलने के बाद जैसे ही मछलियों के मरने की सूचना प्रशासन को मिली वैसे ही सभी अधिकारी झील किनारे पहुंचे। एडीसी मंडी हरिकेश मीणा कुछ देर बाद झील का जायजा लेने रिवालसर पहुंच रहे हैं।

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