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होलिका दहन सायं 7 बजकर 40 मिनट के बाद ही

Right time for Holika dahan

होलिका दहन सायं 7 बजकर 40 मिनट के बाद ही

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होली का त्योहार रंगों का त्योहार है। इस दिन लोग एक दूसरे पर रंग फेंकते हैं और गुलाल लगाते हैं। वैसे तो होली का उत्सव दो तरह से मनाया जाता है। कुछ लोग रात्रि में लकड़ियां एकत्र कर उसमे आग लगा देते हैं और समूह में होकर गीत गाते हैं। आग जलाने की यह प्रथा होलिका दहन की याद दिलाती है। होली मनाने की दूसरी प्रथा आज सारे समाज में प्रचलित है। होली वाले दिन लोग प्रातः काल से दोपहर 12 बजे तक अपने हाथों में लाल, हरे, पीले रंगों का रंग लिए एक दूसरे को रंग लगाते हैं और प्रेम भाव से गले मिलते हैं।

Holika dahanशारदा ज्योतिष निकेतन के प्रमुख कै. डॉ. लेखराज शर्मा के अनुसार इस वर्ष होली का त्योहार हिमाचल में 1 मार्च, 2018 को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल होलिका दहन 1 मार्च को सायं 7 बजकर 40 मिनट के बाद किया जा सकता है। हिंदू धर्म ग्रन्थों और भारतीय वैदिक ज्योतिशषास्त्र के अनुसार होलिका दहन या पूजन भद्रा के मुख को त्याग करके करना शुभ फलदायक होता है। उल्लेखनीय है कि फाल्गुन महीने की पूर्णिमा से पहले प्रदोष काल में होलिका दहन करने की परंपरा है। 1 मार्च को पूर्णिमा उदय व्यापिनी है। जबकि उत्तर प्रदेश, हरियाणा दिल्ली आदि प्रदेशों में होलिका दहन के बाद ही अगले दिन 2 मार्च शुक्रवार को होली पर्व श्रद्धा एवं उत्साहपूर्वक मनाया जाएगा।

कैप्टन डॉ. लेखराज शर्मा, ज्योतिषाचार्य (स्वर्णपदक), शारदा ज्योतिष निकेतन, जोगिंद्रनगर

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