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तेंदुए, सांप, अजगर और बंदरों के बीच से होकर जाती है इस पंचायत की राहें

एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक 26 किमी का है सफ़र

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हमीरपुर। ज़िला के टौणी देवी विकासखंड के तहत आने वाली ग्राम पंचायत चारियां दी धार की राहें तेंदुए, सांप, अजगर और बंदरों के बीच से होकर जाती हैं। यहां एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक सड़क का सफ़र 26 किमी है। लोग खड्ड-नालों के बीच से इसलिए पैदल नहीं चलना चाहते क्योंकि ये जंगली जानवर उनकी जान के दुश्मन बने बैठे हैं।

भराईयां दी धार, चारियां दी धार, लंबरा दी धार, रांगड़ेयां दी धार और पुरली वार्डों में बसी यह पंचायत दुर्गम भौगोलिक स्थिति होने के कारण सड़क और पंचायत घर से महरूम है। पंचायत की आबादी क़रीब 1900 है जिनमें से 1384 वोटर हैं। दुर्गम पंचायत के ग्रामीण आज भी मुख्य सड़क से 10 किलोमीटर से ज्यादा की चढ़ाई और उबड़-खाबड़ रास्तों से होकर गंतव्य तक पहुंचते हैं। लोग अपने जीवन की रोजमर्रा की आम जरूरतों को घर तक पहुंचाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।

सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना तब करना पड़ता है जब किसी के परिवार में कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाता है। ऐसी स्थिति में स्थानीय लोगों को उस व्यक्ति या महिला को पीठ पर या फिर चारपाई पर उठा कर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। पंचायत के बीच एक सड़क बनाने का काम लंबरा दी धार से शुरू हुआ लेकिन अदालती कार्रवाई में उलझकर रह गया। लोगों की मांग है कि पुरली व चारियां दी धार पंचायत को अलग-अलग बना दिया जाए ताकि भौगोलिक दूरी कम हो सके।

चारियां दी धार पंचायत के प्रधान विजयपाल का कहना है कि पंचायत में विकास कार्य तो हुए हैं लेकिन अभी तक पंचायतघर का निर्माण नहीं हो पाया। विजयपाल का कहना है कि पंचायत में वार्ड पंच, उपप्रधान एवं वर्तमान में प्रधान के पद पर रहते हुए उन्होंने पंचायत की समस्याओं को हल करने का भरसक प्रयास किया है। अगर पंचायत का बंटवारा हो जाए तो लोगों को भी फ़ायदा होगा।

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