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काशपाट के चार सौ परिवारों से खिलवाड़, पहले पेड़ों पर सड़ गए सेब, अब भूखे मरने की नौबत

काशपाट के चार सौ परिवारों से खिलवाड़,  पहले पेड़ों पर सड़ गए सेब, अब भूखे मरने की नौबत

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शिमला। जिला के तहत रामपुर उपमंडल के दूरदराज काशपाट पंचायत के 400 किसानों ने सड़क की आस में इस बार सेब फसल को तो पेड़ों में ही सड़ा दिया। अब राशन गांव तक कैसे पहुंचे यह समस्या हो गई है।  पहले राशन सड़क मार्ग से गांव तक का भाड़ा साढ़े छह सौ रुपये  देकर पहुंच तो जाता था, लेकिन अब तो वह भी संभव नहीं।  पीडीएस के तहत स्नो बाउंड क्षेत्र में मिलने वाला राशन लोगों को मिलना तो दूर काशापाट पंचायत क्षेत्र के अधिकतर लोगों को सितंबर से सस्ता राशन नहीं मिला है।  ऐसे में लोगों को पेट भरना भी मुश्किल हो रहा है।

मार्ग निर्माण के दौरान लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार ने पैदल और खच्चर मार्ग भी ध्वस्त कर दिया था।  अब न वाहन  मार्ग का निर्माण पूरा हुआ और ना ही लोगों को पैदल चलने के लिए रास्ता बचा है।  पहले सरकार की ओर से भी वादा  किया गया था कि चुनाव से पूर्व  मार्ग निर्माण किया जाएगा, लेकिन चुनाव होते ही निर्माण कार्य पर भी ब्रेक लग गया है।

विभाग बरतता ईमानदारी तो पैदल चलने में न होती दिक्क्त

कशापट निवासी वीरचंद सहानी, बलि राम जैन, रोशन लाल सहानी, हरी सिंह मेहता, स्थानीय लक्ष्मी नारायण मंदिर कमेटी अध्यक्ष मनमोहन सनारटू, सोहन लाल बिष्ट व मोहन लाल जैन ने बताया कि लोक निर्माण विभाग अगर ईमानदारी बरतता तो आज उन्हें गांव तक पैदल चलने में दिक्क्त ना आती।  कम से काम पूना ढांक से आगे वाहन मार्ग न सही पैदल मार्ग तो ट्रेस  निकाल कर बनाया जा सकता था। उन्होंने बताया पूना ढांक से आगे छो नामक ढांक का करीब साठ फ़ीट कटिंग किया जाना है। अगर यह चट्टान काटा जाता है तो वाहन मार्ग बहाल हो जाता।

उन्होंने बताया चट्टान काटने के लिए आरओसी मशीन उक्त स्थान पर खड़ी कर के रखी गई है। अगर उसे चलाया जाता है तो दस दिन में मार्ग बहाल हो जाएगा। लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार द्वारा मार्ग खोलते हुए पैदल मार्ग को भी ध्वस्त कर दिया था।  ऐसे में खच्चरों का चलना भी मुश्किल है। मार्ग खराब होने के कारण तीन खच्चरें  भी गिर गई।

ना तो वाहन  मार्ग निकला और ना ही पैदल मार्ग सही है

अब ना तो वाहन  मार्ग निकला और ना ही पैदल मार्ग सही है। इसी कारण उन का सेब इस बार पेड़ों में ही सड़ गया। अब बर्फ़बारी के दौराण के लिए चार माह का राशन भी गांव तक नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने कहा की काशापाट पंचायत के तहत करीब चार सौ घर है।  पंचायत क्षेत्र में काशा, पाट, कंडी, दामन, अपर काशा, छलटा व शरण आदि गांव के आधे लोगों को सितंबर का भी सस्ता राशन  खच्चर मार्ग न होने के कारण नहीं मिला है।

खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक धनवीर  ने बताया  कि चार माह का राशन काशपात में जल्द पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन खच्चर मार्ग न होने से दिक्क़तें आ रही हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केके कौशल ने बताया मार्ग क्षेत्र कि क्या स्थिति है, उन्हें जानकारी नहीं है।  जल्द पता लगा कर लोगों की सुविधा की व्यवस्था की जाएगी।

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