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कितने गुण हैं मंजिष्ठा के जानते हैं आप …

कितने गुण हैं मंजिष्ठा के जानते हैं आप …

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मंजिष्ठा का वैज्ञानिक नाम रुबिया कार्डीफोलिया है। आयुर्वेद में इसका नाम बड़े आदर के साथ लिया जाता है। यह एक बेल है जो ज़्यादातर पर्वतीय इलाकों में पाई जाती है। इसके पत्ते खुरदुरे और दिल के आकार के होते हैं। इसके फूल बहुत ही छोटे  और हलके हरे रंग के होते हैं, पर पकने के बाद गहरे बैगनी रंग के हो जाते हैं। मंजिष्ठा में कई सारी आयुर्वेदिक प्रॉपर्टीज होती हैं जो कई रोगों का इलाज भी हैं।
Rubia cardipholiaयह शरीर के अंदर व बाहर के रोगों के इलाज  में काम करती है। मंजिष्ठा में ठंडक होती है। मंजिष्ठा की जड़ और चन्दन को घी में घिस कर, लेप बनाकर जले हुए घाव पर लगाने से जलन कम होती है और घाव भी जल्दी भर जाता है। मंजिष्ठा कई प्रकार के तेल में भी इस्तेमाल किया जाता है। मंजिष्ठा में खून साफ़ करने की प्रॉपर्टीज होती हैं, यह ठंडक पहुंचाती है, ब्लड सर्कुलेशन को सही करने में मदद करती है और हमारी त्वचा को भी स्वस्थ रखती है। इसके अलावा यह हमारे इम्यून सिस्टम को भी स्वस्थ रखने में भी मदद करती है।
मंजिष्ठा चेहरे के दाग साफ़ करने में बेहद कारगर है। चार चम्मच मंजिष्ठा की जड़ का काढ़ा बनाकर नियमित रूप से सुबह-शाम पीने से दाग दूर हो जाते हैं। इसकी जड़ को शहद में घिस कर चेहरे पर लगाने से निखार आता है और दाग भी गायब हो जाते हैं। मंजिष्ठा सूजन के लिए लाभदायक है। बराबर मात्रा में मंजिष्ठा की जड़ और मुलेठी का लेप सूजन वाली जगह पर लगाने से सूजन कम हो जाती है। यह बालों के लिए भी बहुत लाभदायक है। मंजिष्ठा बालों को उसका नेचुरल रंग देने का काम करती है और बालों को सफ़ेद होने से रोकती है और पोषण देने के साथ-साथ उन्हें मजबूत भी बनाती है।

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