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Malaria सफाई में ही बचाव

Malaria सफाई में ही बचाव

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malaria safety: मलेरिया एक जानलेवा बीमारी है जो मच्छर के काटने से फैलता है।यह परजीवी रोगाणु की वजह से होती है। ये रोगाणु इतने छोटे होते हैं कि हम इन्हें देख नहीं सकते। मलेरिया के लक्षण हैं बुखार, कंपकंपी, पसीना आना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, जी मचलना और उल्टी होना। कभी-कभी इसके लक्षण हर 48 से 72 घंटे में दोबारा दिखाई देते हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि एक व्यक्ति को कौन-से परजीवी की वजह से मलेरिया हुआ है और वह कब से बीमार है। इससे पीड़ित व्यक्ति का सही समय पर इलाज न होने से मौत भी हो जाती है। लगातार मलेरिया उन्मूलन के प्रयासों के बावजूद इस बीमारी के आंकड़ों में कमी तो आई है लेकिन अभी भी इस पर पूरा नियंत्रण नहीं हो सका है । मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है पर इसके लक्षण 10-12 दिनों बाद प्रकट होते हैं।

malaria safety : हर वर्ष 50 करोड़ लोग मलेरिया से पीड़ित होते हैं

हालांकि 2000 से अबतक मलेरिया से होने वाली मौतों में 25 फीसदी से ज्यादा कमी आई है फिर भी यह बहुत संतोषजनक स्थिति नहीं है । वैसे भी मलेरिया एक जटिल बीमारी है साथ ही वर्षा, और अकाल जैसी स्थिति ,वर्षा बाढ़और अकाल जैसी स्थितियां इसके संक्रमण को तेजी से बढ़ाती हैं। भारत में 1953 में राष्ट्रीय मलेरिया नियंत्रण चलाने के कार्यक्रम के साथ-साथ डीडीटी का छिड़काव भी शुरू किया गया था । हाल के वर्षों में  उड़ीसा झारखंड और छत्तीसगढ़ में मलेरिया के मामले में तेजी से वृद्धि हुई है। अन्य राज्यों में भी इस महामारी का खतरा है। आप यों कह लें कि हमारे देश जैसे विकासशील देशों में मलेरिया गरीबों के लिए मौत का ही पैगाम लेकर आता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन  के आंकड़ों के अनुसार हर वर्ष करीब 50 करोड़ लोग मलेरिया से पीड़ित होते हैं और उनमें भी 27 लाख रोगी नहीं बच पाते। इसमें आधे से ज्यादा पांच साल से कम उम्र के बच्चे होते हैं।


जरूरी है कि सभी लोग अपने आसपास का एरिया साफ रखें। कीटनाशकों का छिड़काव करें और मच्छरों को किसी भी हालत में पनपने न दें। ध्यान दें कि इसके शुरुआती दौर में  सर्दी -जुकाम और पेट की गड़बड़ी जैसे लक्षण होते हैं। बाद में कंपकंपी के साथ तेज बुखार चढ़ जाता है। सिर और शरीर के जोड़ों में भयानक दर्द होता है और नब्ज तेज हो जाती है। ध्यान रखें कि अगर बुखार अचानक बढ़े तीन-चार घंटे रहे और फिर अचानक उतर जाए तो यह मलेरिया की सबसे खतरनाक स्थिति मानी जाती है। ऐसे में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।

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